पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इस्राइल के हमले तीव्र हो गए हैं, मिसाइलें आसमान में झूल रही हैं और धमाके शहरों में भय और तबाही फैला रहे हैं। तेल और गैस की आपूर्ति खतरे में है, वैश्विक बाजार अस्थिर हैं। होर्मुज जलसंधि की ब्लॉकिंग से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बढ़ रहा है। हर पल संघर्ष और विकराल होता जा रहा है और शांति के संकेत कहीं नजर नहीं आते।
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के सभी राजनयिक चैनल बंद किए: रिपोर्ट
ईरान ने अमेरिका के साथ संचार के सभी राजनयिक और अप्रत्यक्ष चैनल बंद कर दिए हैं और सभी प्रकार के संदेशों का आदान-प्रदान भी निलंबित कर दिया है। तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
पूर्व निर्धारित समयसीमा तक समझौते पर संशय: अमेरिकी अधिकारी
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ जारी युद्धविराम वार्ता अब तक सकारात्मक रही है। लेकिन पूर्व निर्धारित समयसीमा तक समझौता हो पाएगा या नहीं, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। अधिकारी ने कहा, हम ईरान के संपर्क में हैं। बातचीत सकारात्मक रही है। अगर किस्मत ने साथ दिया तो तय समयसीमा के खत्म होने तक कोई नतीजा सामने आ सकता है।
ईरान ने यूएई में इमारत पर किया मिसाइल हमला: अधिकारी
ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह में एक इमारत पर मिसाइल से हमला किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
शारजाह शहर के अधिकारियों ने कहा कि ईरानी मिसाइल सैटेलाइट दूरसंचार ऑपरेटर थुरैया टेलीकम्युनिकेशंस की प्रशासनिक इमारत पर हमला हुआ। शारजाह के मीडिया कार्यालय ने बताया कि इस हमले में दो पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए। जिन्हें अस्पताल ले जाया गया।
ईरानी रॉकेट हमले के बाद मध्य इस्राइल के पेटाह टिक्वा में इमारत गिरी
ईरान के रॉकेट हमले के बाद इस्राइल के पेटाह टिक्वा में एक इमारत गिर गई। घायलों या हताहतों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस्राइल के हिब्रू भाषी दैनिक इस्राइल हायोम के मुताबिक, गिवआत शमूएल में भी नुकसान हुआ है।
मारीव समाचार पत्र ने पेटाह टिक्वा के मेयर के हवाले से बताया कि शहर में 28 फरवरी से अब तक लगभग 150 हमले हुए। एक हजार से अधिक अपार्टमेंट को नुकसान हुआ। दो लोगों की मौत हुई और करीब 160 लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। कन्न न्यूज ने नहरिया शहर में तीन हमले दर्ज किए। एक वाहन में आग लगी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
ट्रंप की धमकी से ईरान के इन 5 ऐतिहासिक पुलों पर मंडराया खतरा, तबाही की आशंका
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान के पुलों और पावर प्लांट को निशाना बनाने की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। दरअसल, ईरान के आर्थिक और सैन्य बुनियादी ढांचे की रीढ़ माने जाने वाले शहीद कलंतरी उर्मिया झील, वेरेस्क रेलवे, तबियात, कारून-4 और गोतूर जैसे पांच प्रमुख मेगा-स्ट्रक्चर्स पर हमले का खतरा पैदा हो गया है। अगर इन पुलों को निशाना बनाया जाता है, तो ईरान का परिवहन और रसद नेटवर्क पूरी तरह ठप हो सकता है।







