Amarnath Yatra 2022 : घाटी में गूंजे बम – बम के नारे… जंगल से लेकर शहर तक लगा कड़ा पहरा, पहलगाम से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट पहली तस्वीर में कीजिए बाबा बर्फानी के दर्शन।।

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2 साल बाद शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से कश्मीर तक बाबा बर्फानी के जयकारे गूंज रहे हैं। पूरा माहौल शिवमय हो गया है। सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था है। खेत-खलिहान, जंगल वाले इलाके से लेकर मकानों की छतों तक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती है। पहलगाम और बालटाल आधार शिविर जाने वाले अमरनाथ यात्रियों के जत्थे का रास्ते भर जोरदार स्वागत किया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर अगवानी की। कई जगहों पर पुष्प वर्षा की गई। रास्ते में लंगर वाले मेहमानों का पलकें बिछाकर इंतजार करते रहे। नुनवान आधार शिविर के बाहर कड़ा पहरा है।
जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से बुधवार सुबह यात्रा पौने चार बजे कड़ी सुरक्षा के बीच निकली। यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा बलों की पेट्रोलिंग पार्टी रात भर पूरे जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर गश्त करती रही। रोड ओपनिंग पार्टी तथा डॉग स्क्वायड की ओर से पूरे यात्रा मार्ग को खंगालकर सुरक्षा क्लीयरेंस देने के बाद यात्रियों का काफिला आगे बढ़ा। हाईवे किनारे हर सौ मीटर पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती देखी गई। कश्मीर संभाग में सुरक्षा और कड़ी रही।
बनिहाल के बाद नवयुग टनल, काजीगुंड, अनंतनाग, खन्नाबल में जगह-जगह अर्धसैनिक बलों की टुकड़ी तैनात रही। अनंतनाग-पहलगाम रास्ते पर तो सुरक्षा के जबर्दस्त इंतजार रहे। नुनवान आधार शिविर तक और आसपास के इलाका पूरी तरह छावनी में तब्दील रहे। नाशरी में लगे लंगर पर यात्रियों की भारी भीड़ रही।
यहां मौजूद उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक ही परिवार के पांच सदस्यों रामनाथ पाल, कविता पाल, शुभांगनी, शुभम पाल व हरेंद्र पाल ने बताया कि कोरोना काल से पहले वे तीन साल से बाबा के दर्शन के लिए पूरे परिवार के साथ आ रहे हैं। दो साल से इंतजार था कि कब यात्रा शुरू हो और बाबा का बुलावा मिले। तीसरे साल फिर मनोकामना पूरी हुई है। पंजाब के एक दर्शनार्थी हरपाल सिंह का कहना है कि बाबा का दर्शन करने का सौभाग्य सभी को नहीं मिलता है। वे अपने को धन्य मान रहे हैं। 
पहले जत्थे में गुजरात के 15 युवाओं का दल भी था। भगवा गमछा लपेटे इन युवाओं का कहना था कि कई दिनों से इंतजार था। आज इच्छा पूरी हुई। बाबा के जयकारे लगाते हुए कहा कि उन्हें किसी प्रकार का डर नहीं लग रहा है। सब कुछ बाबा बर्फानी के हवाले है। दल में शामिल राजेश पारीख ने बताया कि सभी युवा ट्रेन से दो दिन पहले जम्मू आए। इसके बाद पहले जत्थे के साथ हैं। पिछले दिनों यहां हुई आतंकी घटनाओं से मन में थोड़ा डर था, लेकिन अब यह डर इतने सारे भोले के भक्तों को देखकर छूमंतर हो गया है।

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