बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया है। सोमवार देर रात निलंबन का आदेश जारी हुआ। उन्हें शामली के कलेक्टर ऑफिस से अटैच किया गया है। मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई है। वहीं अलंकार अग्निहोत्री अपने इस्तीफा और प्रशासन पर लगाए आरोपों पर अड़े हुए हैं। अग्निहोत्री ने मंगलवार को कहा कि वह निलंबन के विरुद्ध हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार रात के घटनाक्रम का जिक्र किया और डीएम आवास में बंधक बनाने का आरोप फिर दोहराया। अग्निहोत्री ने कहा कि मेरे खिलाफ साजिश रची गई। भगवान का शुक्र है कि जिलाधिकारी का फोन स्पीकर पर था, जिससे उन्होंने सारी बातें सुन लीं। जिलाधिकारी के पास लखनऊ से किसी की कॉल आई थी। आरोप लगाया कि कॉल करने वाले जातिगत अभद्र टिप्पणी की।
बोले- रातभर बंधक बनाकर रखने की थी साजिश
अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें रातभर बंधक बनाकर रखने की साजिश रची गई थी। जब साजिश असफल हो गई और वह अपने इस्तीफे पर अड़े रहे तो रात में ही सस्पेंशन लेटर जारी कर दिया गया। पीसीएस अफसर ने कहा कि वह निलंबन के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे। यह भी कहा कि हो सकता था कि किसी अन्य आरोप में साजिशन उन्हें सस्पेंड कर दिया जाता।
सोमवार रात में लगाया था आरोप
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दिया तो वो चर्चा में आ गए। शाम को उन्होंने बंधक बनाने का आरोप भी लगाया। दावा किया कि जिलाधिकारी आवास में 45 मिनट तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। दरअसल, सोमवार शाम को सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री डीएम आवास पर पहुंचे थे। डीएम आवास में वह करीब एक घंटा तक रहे। इसके बाद बाहर निकले तो अलंकार अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर ही बड़ा आरोप लगा दिया।
आरोपों को जिलाधिकारी ने सिरे से किया खारिज किया
उधर, बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा डीएम आवास पर कथित रूप से बंधक बनाए जाने के आरोपों को जिलाधिकारी ने सिरे से खारिज कर दिया है। डीएम अविनाश सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यह आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है।
रात में अपने आवास में ही सोए अलंकार अग्निहोत्री
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री रातभर ब्राह्मण समाज और विपक्षी दलों के नेताओं से घेरे रहे। वह कई बार अपने आवास से गाड़ी में बैठकर गए और फिर लौट आए। रात 12:30 बजे करीब वह कार से निकल गए और उनके साथियों ने बताया कि वह किसी होटल में सोने चले गए हैं। इससे पहले कि पुलिस होटल का पता लगाती, रात दो बजे अलंकार अग्निहोत्री फिर लौट आए। आवास पर मौजूद नगर क्षेत्र अधिकारी तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने उनसे बात की।
सीओ ने कहा कि बार-बार अंदर बाहर जाने से आपकी सुरक्षा को कोई खतरा हुआ तो जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर आएगी। आप एक बार में निर्णय ले लीजिये कि आपको क्या करना है। तभी यहां मौजूद बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडे के अनुरोध पर अलंकार अग्निहोत्री सरकारी आवास में ही रुकने को तैयार हो गए। सामान भरकर खडे दो ट्रक उनके निजी आवास कानपुर के केशव नगर नहीं भेजे गए, यह अभी आवास के बाहर ही खड़े हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट आवास के गेट को किया बंद, पुलिस का पहरा
एडीएम कंपाउंड में स्थित सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पहुंचने वाले मुख्य गेट को पुलिस में बंद कर दिया है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना है कि ऊपर से रोक लगाई गई है इसलिए गेट बंद किया गया है। ऐसे में उनके समर्थकों ने लोगों को दामोदर पार्क में आने का आवाह्न कर दिया है। हालांकि, सुबह के वक्त सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने आवास के अंदर ही रहे। सुबह 11 बजे एटीएम सिटी सौरभ दुबे, एसपी देहात मुकेश चंद मिश्रा, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार समेत कई अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट की आवास पर पहुंचे।









