महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया है। विमान में सवार अन्य चार लोग भी इस हादसे में नहीं बचे पाए। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजित पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती में रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया।
फडणवीस ने गहरी संवेदना व्यक्त की, तीन दिन का शोक घोषित
अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पोस्ट करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, ‘दादा चले गए! एक जमीन से जुड़े नेता, मेरे दोस्त और साथी, अजित दादा की प्लेन क्रैश में मौत बहुत दिल दहला देने वाली है। यह दिल तोड़ने वाला है। मेरा दिल सुन्न है। अपनी भावना बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने अपना मजबूत और अच्छा दोस्त खो दिया है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। यह एक ऐसा नुकसान है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। आज महाराष्ट्र के लिए बहुत मुश्किल दिन है।’
वहीं मीडिया से बात करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि राज्य में दुख का माहौल है। उनके जैसा नेता खोना एक बहुत बड़ा नुकसान है। मैं एकनाथ शिंदे के साथ आज बारामती जाऊंगा। मैंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस घटना के बारे में बताया है और उन्होंने इस पर दुख जताया है।” फडणवीस ने कहा कि हमने राज्य में तीन दिन का शोक घोषित किया है।
अजित पवार के निधन से टूटे एनसीपी नेता
लातूर: महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता बाबासाहेब पाटिल और एनसीपी नेता विक्रम काले अजित पवार के निधन से टूट गए। दोनों नेता बुरी तरह से रोते नजर आए। इस दौरान ‘हमारा नेता चला गया…’ कहते हुए भाव विभोर हो रहे थे। दोनों नेता गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगे। इसी के साथ वहां मौजूद अन्य कार्यकर्ता भी भावुक हो गए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। अजित पवार जी का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा। मैं उनके परिवार, समर्थकों एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं। ईश्वर इस दुर्घटना में मारे गए अन्य सभी लोगों के परिवारों को भी इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’









