दिल्ली पुलिस ने 29 साल से फरार हत्या के आरोपी मोहम्मद फहीम उर्फ अली भाई को तीन जुलाई को लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने 1997 में दिल्ली के रघुबीर नगर स्थित टीसी कैंप में पैसे चोरी का विरोध करने पर शरीफ हसन खान की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद वह नागपुर भाग गया और बाद में मुंबई, नागपुर और लखनऊ समेत कई शहरों में रहकर अली भाई के नाम से अपनी पहचान छिपाता रहा।
धालीवाल ने बताया कि पुलिस के सामने आरोपी की तस्वीर और डिजिटल रिकॉर्ड न होने जैसी बड़ी चुनौतियां थीं। टीम ने उसके पैतृक गांव में पड़ताल की, जहां से पता चला कि वह जीवित है और बीच-बीच में गांव आता है। इसके बाद लखनऊ के चौक कोतवाली क्षेत्र में उसके होने की सूचना मिली। पुलिस ने निगरानी के बाद ठाकुरगंज से उसे गिरफ्तार कर लिया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का रहने वाला मोहम्मद फहीम लखनऊ के हुसैनाबाद इलाके में रह रहा था और पीओपी का काम कर रहा था।







