अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बम धमाका हुआ है। यह धमाक रूसी दूतावास के पास किया गया है। स्थानीय मीडिया के हवाले से सामने आई खबरों के मुताबिक, हमले में 20 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि मृतकों में दो रूसी राजनयिक भी शामिल हैं।
इससे पहले दो अगस्त को हेरात प्रांत की भीड़भाड़ वाली गुजरगाह मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के दौरान धमाका हुआ था। इस विस्फोट में प्रमुख मौलवी मुजीब उल-रहमान अंसारी व उसके सुरक्षा गार्डों समेत 18 लोगों की मौत हो गई थी। हेरात के पुलिस प्रवक्ता मेहमूद रसोली ने बताया था कि हमले में 23 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। मस्जिद पर यह हमला ऐसे वक्त में किया गया था, जब यहां मुस्लिमों का धार्मिक सप्ताह मनाया जा रहा था।
पिछले साल 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा करने के बाद भी देश में कई जगह धमाके जारी हैं। आमतौर पर ये धमाके शिया और अहमदिया समुदाय की मस्जिदों पर हुए हैं। बता दें कि अल्पसंख्यक समूहों के धार्मिक इबादतगाहों पर होने वाले हमलों में आईएस जिम्मेदारी स्वीकारता रहा है। दरअसल, तालिबान के अधिकांश विरोधी कमजोर पड़ चुके हैं लेकिन आईएस अब भी हमले जारी रखे हुए है। हालांकि तालिबान इस पर नियंत्रण के प्रयास में जुटा है।







