अयोध्या में 22 सितंबर से रामलीला और दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस बार 180 स्थानों पर रामलीला का मंचन होगा, जबकि 2154 पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजमान की जाएंगी। कोलकाता के मूर्तिकार उत्तम पाल ने प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया है और स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है।
शोभायात्रा और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की मांग
2 अक्टूबर को जीआईसी के मैदान से भव्य शोभायात्रा निकलेगी, जो 8 किलोमीटर की दूरी तय कर गुप्तार घाट के निर्मली कुंड तक जाएगी। समिति ने शोभायात्रा पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा करने की मांग की है, जिससे इस आयोजन को और भी भव्य बनाया जा सके। हालांकि, निरीक्षण में पाया गया कि निर्मली कुंड में सरयू का जलस्तर केवल 1 फुट है, जिसे लेकर समिति ने वैकल्पिक गहरे स्थान की मांग की है।
सफल आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर
अयोध्या नगर निगम और रामलीला समन्वय समिति दुर्गा पूजा समिति के साथ मिलकर इन आयोजनों को सफल बनाने में जुटी हुई है। इन आयोजनों के दौरान शहर में सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। रामलीला मंचन और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंजेगा, जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर और भी समृद्ध होगी।







