Bihar: आज तय होगा बिहार के दमदार चेहरों का भविष्य, यहां जानें कौन रहेगा आगे और कौन पीछे

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम के साथ ही नीतीश कुमार सरकार के 2020 के मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। 2020 में गठित जदयू-भाजपा सरकार के कई बड़े मंत्री इस बार भी मैदान में हैं, जिनका भविष्य मतपेटियों में बंद है। इनमें जदयू के विजय चौधरी, जयंत राज, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, रत्नेश सदा और भाजपा के मंगल पांडे, सम्राट चौधरी, संजय सरोगी, नितिन नवीन, प्रेम कुमार जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

क्रमांक विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी पार्टी रुझान
1 सोनवर्षा रत्नेश सदा जदयू
2 दरभंगा (सदर) संजय सरोगी भाजपा
3 जाले जीवेश कुमार मिश्रा भाजपा
4 कुढ़नी केदार प्रसाद गुप्ता भाजपा
5 साहेबगंज राजू कुमार सिंह भाजपा
6 भोरे सुनील कुमार जदयू
7 अमनौर कृष्णा कुमार मंटू भाजपा
8 सीवान मंगल पांडे भाजपा
9 कल्याणपुर महेश्वर हजारी जदयू
10 सरायरंजन विजय कुमार चौधरी जदयू
11 बछवाड़ा सुरेंद्र मेहता भाजपा
12 बिहारशरीफ डॉ. सुनील कुमार भाजपा
13 नालंदा श्रवण कुमार जदयू
14 बांकीपुर नितिन नवीन भाजपा
15 लखीसराय विजय कुमार सिन्हा भाजपा
16 तारापुर सम्राट चौधरी भाजपा
17 बेतिया रेणु देवी भाजपा
18 हरसिद्धि कृष्णानंदन पासवान भाजपा
19 झंझारपुर नीतीश मिश्रा भाजपा
20 फुलपरास शीला कुमारी मंडल जदयू
21 सुपौल बिजेंद्र प्रसाद यादव जदयू
22 छातापुर नीरज कुमार सिंह बबलू भाजपा
23 सिकटी विजय कुमार मंडल भाजपा
24 धमदाहा लेशी सिंह जदयू
25 अमरपुर जयंत राज जदयू
26 चैनपुर मो. जम़ा खान जदयू
27 गया टाउन प्रेम कुमार भाजपा
28 चकाई सुमित कुमार सिंह जदयू
29 बहादुरपुर मदन सहनी जदयू
सहरसा जिले की सोनवर्षा सीट से जदयू के रत्नेश सदा के सामने कांग्रेस की सरिता देवी चुनाव मैदान में हैं। इस आरक्षित सीट पर जनसुराज ने भी दुसाध जाति के रिटायर्ड टीचर सत्येन्द्र हाजरा को उतारा है।
दरभंगा (सदर) से भाजपा के संजय सरावगी के सामने विकासशील इंसान पार्टी के उमेश सहनी हैं। वह मुकेश सहनी की जाति से हैं, यानी मल्लाह हैं। जन सुराज से रिटायर्ड आईजी आरके मिश्रा मैदान में हैं। प्लुरल्स पार्टी की पुष्पम प्रिया चौधरी मैदान में हैं। भितरघात से लड़ना ही बड़ी चुनौती है।

जाले से भाजपा के जिवेश कुमार के सामने कांग्रेस के ऋषि मिश्रा मैदान में हैं। यह राजद में थे और अंतिम समय में कांग्रेस का टिकट लेकर उतरे हैं। पिछली बार कांग्रेस के प्रत्याशी रहे मशकूर अहमद रहमानी इस बार निर्दलीय मैदान में हैं। मुस्लिम वोट पर सबकुछ निर्भर करता है। जनसुराज ने लोहार जाति के रंजीत शर्मा को चुनाव में उतारा है।

कुढ़नी से भाजपा के केदार प्रसाद गुप्ता के सामने राष्ट्रीय जनता दल के बबलू कुशवाहा उतारे गए हैं। जनसुराज ने यहां से मोहम्मद अली इरफान को मैदान में उतारा है।

साहेबगंज से भाजपा के राजू कुमार सिंह के सामने राष्ट्रीय जनता दल के पृथ्वी राय मैदान में हैं। भाजपा को नुकसान पहुंचाने के लिए जनसुराज ने यहां राजपूत जाति से ठाकुर हरिकिशोर सिंह को उतारा है।

सीवान से भाजपा के मंगल पांडेय के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने अवध बिहारी चौधरी को उतारा है। अवध बिहारी चौधरी महागठबंधन सरकार के समय विधानसभा अध्यक्ष भी रहे थे। यहां जन सुराज ने भाजपा को राहत दी है। राजद-कांग्रेस के कोर वोट बैंक मुस्लिम धर्म के शेख वर्ग से बिजनेसमैन इंतक़ाब अहमद को उतारा गया है।

कल्याणपुर से जदयू के महेश्वर हजारी से मुकाबले के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, यानी भाकपा माले ने रंजीत राम को मैदान में उतारा है। रंजीत राम रविदास वर्ग से आते हैं। जन सुराज ने यहां उप मेयर राम बालक पासवान को उतारा है।

सरायरंजन से विजय कुमार चौधरी से राष्ट्रीय जनता दल के अरविंद सहनी मैदान में हैं। सरायरंजन से भाजपा के कोर वोटर और विजय कुमार चौधरी के वर्ग के वोटरों को निशाने पर रखते हुए ब्राह्मण सज्जन मिश्रा को उतारा गया है।

बछवाड़ा से भाजपा के सुरेंद्र मेहता के सामने भारतीय कॉम्युनिस्ट पार्टी के अवधेश राय हैं। अवधेश राय यादव जाति से हैं। जन सुराज ने यहां पर दोनों प्रतिद्वंदियों के लिए मुसीबत की तैयारी की है। यहां से भूमिहार वर्ग के रामोद कुंवर को उतारा गया है, जो माले नेता रहे हैं।

बिहारशरीफ से भाजपा के डॉ. सुनील कुमार के सामने भारतीय कॉम्युनिस्ट पार्टी ने शिव कुमार यादव को उतारा है। जन सुराज ने यहां कुशवाहा वर्ग के पूर्व मेयर दिनेश कुमार को मैदान में उतारा है।

नालंदा से जदयू के श्रवण कुमार के सामने कांग्रेस के कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया चुनाव मैदान में हैं। जिला परिषद् सदस्य और कुर्मी जाति की प्रत्याशी कुमारी पूनम सिन्हा जन सुराज के लिए मैदान में हैं।

बांकीपुर से भाजपा के नितिन नवीन के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को टिकट दिया है। यह सीट पिछली बार कांग्रेस के पास थी। अंतिम समय में कांग्रेसी रेखा गुप्ता ने राजद से नामांकन भर सदस्यता ली। जन सुराज ने भाजपा को निशाने पर लेने के लिए यहां से भूमिहार जाति की वंदना कुमारी को उतारा है।

लखीसराय से भाजपा के विजय कुमार सिन्हा के सामने कांग्रेस के अमरेश कुमार अनीष मैदान में हैं। भाजपा के कोर वोटर को ध्यान में रखते हुए जन सुराज ने यहां भूमिहार वर्ग के शिक्षाविद् सूरज कुमार को टिकट दिया है।

तारापुर से भाजपा के सम्राट चौधरी के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने अरुण साह को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर जन सुराज का निशाना भाजपा के कोर वोटर हैं, इसलिए उसने राजपूत चिकित्सक को मैदान में उतारा है। डॉ. संतोष सिंह यहां सम्राट चौधरी और अरुण साह से मुकाबिल हैं।

बेतिया से भाजपा की रेणु देवी बिहार में उप मुख्यमंत्री बनने के बाद चर्चा में आई थीं। मंत्री रेणु देवी का मुकाबला पिछली बार कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी से हुआ था, लेकिन इस बार पार्टी ने यहां प्रत्याशी बदलते हुए वसी अहमद को उतारा है।

हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित है। यह क्षेत्र हरसिद्धि और तुरकौलिया प्रखंडों को मिलाकर बना है। 1951 से अस्तित्व में आने के बाद अब तक यहां 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।

झंझारपुर से भाजपा के नीतीश मिश्रा ने पिछली बार सीपीआई के राम नारायण यादव को 41788 मतों से हराया था। इस बार भी भारतीय कॉम्युनिस्ट पार्टी ने राम नारायण यादव पर ही भरोसा जताया है। यादव को इस बार मुकेश सहनी की पार्टी से बहुत उम्मीद है, क्योंकि पिछली बार वीआईपी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का घटक थी।

फुलपरास से जदयू की शीला कुमारी मंडल ने कांग्रेस के कृपानाथ पाठक को 10966 मतों से हराया था। इस बार कांग्रेस ने सुबोध मंडल को मैदान में उतारा है।

सुपौल से जदयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव इस बार भी मैदान में हैं। सामने हैं कांग्रेस ने फिर से मिनतुल्लाह रहमानी को उतारा है, जो पिछली बार 28 हजार से ज्यादा मतों से हारे थे। जन सुराज ने पिछली बार निर्दलीय उतरे अनिल सिंह को टिकट दिया है।

छातापुर से भाजपा के नीरज कुमार सिंह बबलू के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने डॉ. विपिन सिंह को उतारा है। पिछली बार वह 20 हजारों से मतों से हारे थे। लोकसभा चुनाव 2024 में निर्दलीय उतरे बैद्यनाथ मेहता ने करीब 60 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे। वह छा

सिकटी से भाजपा के विजय कुमार मंडल के सामने इस बार विकासशील इंसान पार्टी के हरिनारायण प्रामाणिक हैं। पिछली बार यहां से राजद के शत्रुघ्न प्रसाद सुमन मैदान में थे और 13 हजार से ज्यादा मतों से हार गए थे। इस बार महागठबंधन ने इस सीट को हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकी है।

धमदाहा से जदयू की लेशी सिंह का सामना उनकी ही पार्टी के सांसद रहे संतोष कुशवाहा से हो रहा है। वह राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर महागठबंधन प्रत्याशी के रूप में लेशी सिंह को कड़ी चुनौती देने की कोशिश में हैं। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी प्रत्याशी राकेश कुमार उर्फ बंटी यादव महागठबंधन को नुकसान पहुंचाते हुए आगे बढ़ने की जुगत लगा रहे हैं।

अमरपुर से जदयू के जयंत राज का मुकाबला कांग्रेस के जितेंद्र सिंह से है। पिछली बार महज 3114 मतों से हारे थे। तब लोजपा प्रत्याशी के रूप में उतरे डॉ. मृणाल शेखर फिर भाजपा में आ गए हैं। जयंत राज ने मृणाल शेखर से मिलकर समर्थन लिया। राजपूत वोट इस बार एकमुश्त जितेंद्र सिंह के समर्थन में आकर जयंत राज के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं।

चैनपुर से जदयू के मो. जम़ा खान इस बार मुसीबत में नजर आ रहे हैं। वक्फ बिल का असर जम़ा खान को परेशान कर रहा है। पिछली बार भाजपा के टिकट पर 24294 मतों से हारे बृज किशोर बिंद इस बार राजद का टिकट लेकर आए हैं और महागठबंधन ने इस सीट पर ताकत झोंक रखी है। सीएम नीतीश कुमार के जाने पर भी जम़ा खान के लिए अच्छा माहौल नहीं दिख रहा है। मुकेश सहनी ने यहां पहुंचकर विकासशील इंसान पार्टी के बाल गोविंद विंद को अपना प्रत्याशी बताया। तेजस्वी यादव ने बृज किशोर बिंद के पक्ष में वोट की अपील की। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के रिश्तेदार पूर्व विधायक रामचंद्र यादव गोविंद बिंद का प्रचार कर रहे हैं। महागठबंधन की यह उठापटक यहां जम़ा खान को राहत दे रही है। बहुजन समाज पार्टी से उतरे राजपूत जाति के धीरज कुमार सिंह भाजपा का वोट काटेंगे, यह भी डर है। जन सुराज पार्टी ने भाजपा के पूर्व सांसद मुनीलाल चौबे के बेटे हेमंत कुमार चौबे को टिकट देकर भाजपा के वोटरों को साधने की कोशिश की है।

 गया टाउन से भाजपा के डॉ. प्रेम कुमार के सामने कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव उतरे हैं। पिछली बार वह 11 हजार से ज्यादा मतों से हारे थे। इस बार यहां जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी धीरेन्द्र अग्रवाल मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं।

चकाई से जदयू के सुमित कुमार सिंह प्रत्याशी हैं। पिछली बार वह निर्दलीय उतरे थे और राष्ट्रीय जनता दल की सावित्री देवी से महज 581 वोटों से जीते थे। इस बार सावित्री देवी महागठबंधन से राजद प्रत्याशी हैं। वीआईपी का साथ मिला ही है। दूसरी तरफ, कई निर्दलीय प्रत्याशी सुमित सिंह के लिए मुसीबत बने हैं। चंदन कुमार सिंह और पिछली बार ज

बहादुरपुर विधानसभा सीट पर मंत्री मदन सहनी और राजद के भोला यादव के बीच सीधी और रोमांचक टक्कर है। मदन सहनी अपनी मंत्री पद की साख बचाने में जुटे हैं, जबकि भोला यादव पूरे दमखम से उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मदन सहनी अपनी सीट बचा पाएंगे।

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