दिल्ली विस्फोट और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल की जांच कर रही एजेंसियों को डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल की डायरियां मिली हैं। ये डायरियां अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस से कमरा नंबर चार और कमरा नंबर 13 से मिली हैं, जहां उमर और मुजम्मिल रहते थे। इन डायरियों में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इनसे पता चला है कि आतंकी बीते दो वर्षों से विभिन्न जगहों पर धमाके की योजना बना रहे थे। डायरियों में कई बातें कोड भाषा में लिखी गई हैं, जिनका खुलासा करने में जांच एजेंसियां जुटी हैं।
कहां से जुटाया गया इतना अमोनियम नाइट्रेट?
जांच में पता चला है कि मेवात के नूंह से अमोनियम नाइट्रेट बनाने के लिए फर्टिलाइजर खरीदा गया था। स्पेशल सेल की टीम ने नूंह में छापा मारा है। वहां कई फर्टिलाइजर की दुकानों की वीडियो बनाकर जम्मू कश्मीर पुलिस को भेजा है, ताकि मुजम्मिल उस दुकान की पहचान कर सके जहां से उसने और उमर ने फर्टिलाइजर के तौर पर केमिकल लिया था। यह जानकारी भी सामने आई है कि लाल किला विस्फोट के आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. आदिल, उमर और शाहीन ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये नकद जुटाए, ये रुपये उमर को सौंपे गए थे। बाद में इन्होंने गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से आईईडी तैयार करने के लिए तीन लाख रुपये का 20 क्विंटल से ज्यादा नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम उर्वरक खरीदा था।
कितनी कारों को विस्फोटक से लैस करने की थी योजना?
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों ने कई जगहों पर हमले करने के लिए लगभग 32 पुराने वाहनों को विस्फोटक से लैस करने की योजना बनाई थी। यह खुलासा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे की ओर इशारा करता है। एक खुफिया सूत्र ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि i20 और इकोस्पोर्ट के बाद यह पता चला कि 32 अन्य पुराने वाहनों को तैयार करने की तैयारी चल रही थी, जिनमें विस्फोटक लगाए जा सकते थे। यह दर्शाता है कि आतंकी समूह बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की फिराक में थे।
कितनी जगहों पर धमाकों की थी योजना?
दिल्ली बम धमाके में एक और नया खुलासा हुआ है। लगभग आठ संदिग्धों ने चार जगहों पर सिलसिलेवार विस्फोट करने की योजना बनाई थी। आरोपियों की योजना दो-दो के समूहों में चार शहरों में जाने की थी। प्रत्येक समूह अपने साथ कई आईईडी ले जाने वाला था। जांच में खुलासा हुआ है कि डॉक्टर उमर छह दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी पर दिल्ली में मुंबई के 2008 के 26/11 जैसे हमले को अंजाम देने की फिराक में था। इसीलिए बड़ी मात्रा में विस्फोटक जमा किया गया था। एजेंसियों के मुताबिक, लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर उनके निशाने पर थे। देशभर में रेलवे स्टेशनों और शॉपिंग मॉल्स को भी निशाना बनाने की तैयारी थी।
साजिश में शामिल तीसरी कार अभी भी लापता?
पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि कई सुरक्षा एजेंसियां लाल किला विस्फोट मामले से जुड़ी एक तीसरी कार की तलाश में हैं। सोमवार शाम लाल किले के पास एक सफेद हुंडई i20 में विस्फोट हुआ, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। बाद में, जांचकर्ताओं ने एक दूसरी गाड़ी – एक लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट – का फरीदाबाद में पता लगाया। हालांकि, एक तीसरी कार, जिसके मारुति ब्रेजा होने का संदेह है, अभी तक बरामद नहीं हुई है। सूत्र ने कहा, लापता तीसरी कार का इस्तेमाल आरोपियों द्वारा टोही या भागने के लिए किए जाने का संदेह है। कई टीमें तीसरी कार की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि मारुति ब्रेजा का पता लगाने के लिए दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।









