प्रवेश वाही का मेयर बनना लगभग तय: पार्टी और सीएम दोनों की हैं पसंद, सरकार के साथ सहज भाव बनेगा काम की ताकत

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दिल्ली नगर निगम में मेयर पद को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो गई है। भाजपा ने प्रवेश वाही के नाम पर दांव खेला है और मौजूदा सियासी समीकरणों को देखते हुए उनका अगला मेयर बनना तय माना जा रहा है। संगठन और सरकार दोनों में संतुलन साधने की उनकी क्षमता उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है।

एमसीडी में मेयर पद के लिए भाजपा ने गुरुवार को नामांकन के अंतिम दिन प्रवेश वाही के नाम का एलान किया। सदन में भाजपा के पूर्ण बहुमत और आम आदमी पार्टी के मेयर चुनाव से बाहर रहने के फैसले के बाद उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। प्रवेश वाही तीन बार पार्षद रह चुके हैं और पार्टी संगठन में उन्हें एक अनुभवी और भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। वे पूर्व उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा, वे हाल तक सदन के नेता की जिम्मेदारी निभा रहे थे, जिससे उन्हें प्रशासनिक कामकाज का अच्छा अनुभव है।

पार्टी और सीएम दोनों की पसंद
पार्टी के अंदर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है और शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके करीबी संबंध भी उनकी ताकत हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनके नाम पर सिर्फ संगठन ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भी सहमति है। दोनों के बीच कामकाज को लेकर अच्छा तालमेल देखा गया है और सरकार बनने के बाद कई मौकों पर प्रवेश वाही ने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर काम किया है।

उत्तरी दिल्ली में रहे पार्टी का विश्वसनीय चेहरा 
रोहिणी ई वार्ड से पार्षद प्रवेश वाही को हमेशा से पार्टी का विश्वसनीय चेहरा माना जाता है। वे समय-समय पर विधानसभा और लोकसभा चुनावों में चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभाते रहे हैं। पंजाब से चुनाव लड़ने आए हंसराज हंस समेत कई उम्मीदवारों के चुनाव प्रबंधन में उनकी भूमिका अहम रही है।

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क्लीन दिल्ली का लक्ष्य चुनौती 
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने हाल ही में एमसीडी की जिम्मेदारियों को लेकर साफ संदेश दिया है कि राजधानी को साफ-सुथरा और बेहतर बनाने में निगम की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि अब बजट की कमी नहीं होगी और जरूरत के मुताबिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन क्लीन दिल्ली का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना होगा। ऐसे में, अगर प्रवेश वाही मेयर बनते हैं तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली को साफ और व्यवस्थित बनाना होगी। साथ ही, सरकार और निगम के बीच बेहतर तालमेल बनाकर काम करना भी उनकी प्राथमिकता रहेगा। फिलहाल सियासी हालात पूरी तरह उनके पक्ष में नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि मेयर बनने के बाद प्रवेश वाही राजधानी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।


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