अलीगढ़ के महानगर के क्वार्सी क्षेत्र की शिवाजीपुरम कालोनी में रविवार दोपहर गैस गीजर चलाकर बाथरूम में नहाते समय 6वीं की छात्रा मानवी सिंह (12) की दम घुटने से मौत हो गई। शनिवार को मानवी का जन्मदिन था। इस अवसर पर घर में पार्टी हुई थी। मगर रविवार दोपहर अचानक हुई इस दुर्घटना ने परिवार में कोहराम मचा दिया।
मूल रूप से ऊतरा बरला के देवेंद्र सिंह सेना में सेवारत हैं। वर्तमान में जेसलमेर में उनकी तैनाती है। परिवार स्वर्ण जयंती नगर से सटी शिवाजीपुरम कालोनी में रहता है। उनकी पत्नी नीतू सिंह हाथरस के सासनी में बेसिक स्कूल में शिक्षिका हैं। दंपती पर 12 वर्षीय बेटी मानवी के अलावा छोटा बेटा आरव है।
वह आ गया। पिलंबर के आने पर उनका ध्यान गया कि अभी तक मानवी बाथरूम से नहीं आई। इस पर पहले उसे आवाज लगाई गई। जब कोई जवाब नहीं आया तो पिलंबर की मदद से बाथरूम का दरवाजा तोड़ा, तब मानवी बाथरूम में बेसुध अवस्था में पड़ी मिली।
जिस घर में शनिवार को बेटी के जन्मदिन पर खुशियों का माहौल था। उसी घर में रविवार को उसी बेटी की मृत्यु ने कोहराम मचा दिया। मानवी का शनिवार को जन्मदिन था। हालांकि उसके पापा को बेटी के जन्मदिन पर आना था। मगर अवकाश की समस्या के चलते वे नहीं आ पाए। घर में छोटी सी पार्टी रखी गई। जिसमें गांव के आकर परिवार के सदस्य शामिल हुए। शाम को केक काटा गया। इसके बाद शाम को खुद देवेंद्र ने अपनी बेटी से बात कर उसे बर्थडे विश किया। इसके अलावा दिन भर किस तरह बर्थडे मनाया। इस पर भी खूब सारी बातें हुईं। पापा ने खुद अपने यहां न होने का अफसोस भी जताया था।
देवेंद्र का परिवार अब से पहले तक किराये पर रहता था। चूंकि उनकी पत्नी शिक्षिका हैं। बेटी बेटा की शहर के स्कूल में पढ़ाई चल रही थी।इसलिए उन्होंने शिवाजी पुरम में नया मकान बनाया। जिसमें उन्होंने दशहरा पर गृह प्रवेश किया। तब वे यहां आए थे।
गैस गीजर चलाकर बाथरूम में नहाते समय पिछले वर्ष भी एक 12वीं की छात्रा माही की मृत्यु हुई थी। कुलदीप विहार में रहने वाले परिवार में यह दुर्घटना उस समय हुई। जब उसकी मां डेयरी से दूध लेने चली गईं। उस समय छात्रा घर पर अकेली थी।
सर्द मौसम आ गया है। अब घरों में नहाते समय गैस गीजर का प्रयोग भी होने लगा है। इसलिए सावधानी भी बेहद जरूरी है। अगर आप बाथरूम में गैस गीजर चालू करके नहाते हैं, तो ऐसा न करें। क्योंकि शिवाजीपुरम में 12 वर्षीय छात्रा की नहाते समय मौत हुई है। इसलिए सावधानी जरूर बरतें। ताकि ऐसी दुखद दुर्घटना से बचा जा सके।
शहर के दूसरे बाल रोग विशेष डा.चितरंजन सिंह बताते हैं कि जब हमारे रक्त में आक्सीजन का स्तर कम होने लगता है तो हाइपोक्सिमया हो जाता है। इसका फेफड़ों, हार्ट और दिमाग पर सीधा असर पड़ता है। चूंकि शरीर के सारे टिश्यू तक आक्सीजन का पहुंचना जरूरी है। हापोक्सिमिया होते ही आपके शरीर में आक्सीजन पहुंचना कम होने लगती है। ऐसे हालात में हम बुरी तरह से थक जाते हैं। फेफड़े प्रभावित होने लगते हैं। शरीर नीला पडऩे लगता है। दिमाग काम करना बंद कर देता है। तो जान चली जाती है।
गैस गीजर को बाथरूम से बाहर ही लगाने का प्रयास करें, अगर संभव न हो तो बाथरूम में खिडक़ी जरूर हो सिलेंडर तो बाहर ही होना चाहिए
खिडक़ी पर कपड़ा या कुछ ऐसा न ढंकें, जिससे कि हवा ही पास न हो सके
सबसे बेहतर तो यही रहेगा कि गैस गीजर से पहले पानी भर लें
बाल्टी या टब भर जाने के बाद इसे बंद कर दें। इसके बाद अंदर नहाने जाएं। इससे जान को खतरा ही नहीं रहेगा
नहाते वक्त अगर गैस गीजर चलाया है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो इसे सामान्य न लें, तुरंत बाथरूम की कुंडी खोलें
बाथरूम ऐसा हो जहां पर हवा की पासिंग होती रही, बाथरूम पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए।
कोशिश हो कि बाथरूम के दो दरवाजे हों। अंदर और बाहर से खुलने की सुविधा हो।









