बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने उस देश की सेना के लिए पलक-पावड़े बिछाने का काम किया है, जिसने मुक्ति संग्राम के दौरान लाखों बंगभाषियों को मौत के घाट उतार दिया था। हजारों मां-बहनों की अस्मिता को रौंद डाला था। 1971 के बाद पहली बार बांग्लादेश में पाकिस्तान की नौसेना के युद्धपोत का स्वागत किया गया है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि भारत विरोधी यूनुस अपनी इस हरकत के जरिये लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को जाया कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 1971 के बाद पहली बार पाकिस्तानी नौसेना का युद्धपोत पीएनएस सैफ (एफएफजी-253) शनिवार को बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह पहुंचा है। यूनुस सरकार ने पाकिस्तानी युद्धपोत का बांग्लादेश में स्वागत किया। सद्भावना यात्रा के तहत यह पाकिस्तानी युद्धपोत चार दिनों तक बांग्लादेश में रहेगा। इसे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। बांग्लादेश की नौसेना के मुताबिक, पीएनएस सैफ की कमान कैप्टन शुजात अब्बास राजा के पास है।







