दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च में 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के आरोपीस्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने 27 सितंबर की रात आगरा से गिरफ्तार किया। आरोपी स्वामी चैतन्यानंद को आगरा, यूपी के होटल फर्स्ट ताजगं से गिरफ्तार किया गया है। चैतन्यानंद पर कई छात्राओं के यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगे हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस चैत्यानंद को मेडिकल जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल दिल्ली लेकर आई। इसके बाद पटियाला कोर्ट में पेशी हुई। अदालत ने चैत्यानंद को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद के पास से दो फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं। एक कार्ड में उसे संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत और दूसरे में ब्रिक्स संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया गया है। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
शनिवार को आगरा पहुंचे थे चैतन्यानंद
आगरा के जिस होटल से स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को गिरफ्तार किया गया था, उसके रिसेप्शनिस्ट भरत ने बताया कि चैतन्यानंद शनिवार शाम करीब 4 बजे वहां पहुंचे। उन्होंने आगे बताया कि उनके ठहरने के दौरान उनसे मिलने कोई नहीं आया। भरत ने कहा कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी ने उनकी एंट्री की थी। रात में लगभग 3:30 बजे दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे, जिन्होंने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। दोनों ने बाबा से उनके कमरे में 10 मिनट तक बात की और उन्हें अपने साथ ले गए। बाबा ने हमें अपना नाम पार्थ सारथी बताया था।
आरोपी ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को निशाना बनाया
पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्राओं को धमकाकर, अश्लील मैसेज भेजकर और विदेश यात्रा का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। उसने कई बार स्टूडेंट को देर रात कमरे में बुलाया और कम ग्रेड देने की धमकी दी। जांच के दौरान बरामद वॉट्सएप मैसेज में सामने आया था कि चैतन्यानंद छात्राओं को “बेबी”, “आई लव यू”, “आई अडोर यू” जैसे मैसेज भेजता था। इसके साथ ही उनके बालों और कपड़ों की भी तारीफ करता था। पुलिस की जांच में ये भी सामने आया कि तीन महिला वार्डन और फैकल्टी भी आरोपी की मदद करती थीं। वे छात्राओं पर दबाव डालकर चैट्स डिलीट करवाती और उन्हें चुप रहने के लिए कहती थीं। आरोपी ने ईडब्ल्यूएस कोटे की छात्राओं को टारगेट किया क्योंकि वे आर्थिक रूप से कमजोर थीं और स्कॉलरशिप पर पढ़ रही थीं। 32 छात्राओं से पूछताछ हुई, जिनमें से 17 ने सीधे यौन उत्पीड़न-मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई।
16 ने बयान दर्ज कराए हैं
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक 16 छात्राएं मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करा चुकी हैं। यह भी खुलासा हुआ कि कुछ छात्राओं को आरोपी की ओर से विदेश टूर का झांसा भी दिया गया था।छात्राओं को कमरे में बुलाता और कम ग्रेड देने की धमकी देता था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि चैतन्यानंद ने छात्राओं को डराने-धमकाने और लालच देने की रणनीति अपनाई। वह अक्सर अश्लील मैसेज भेजता था। उसके मैसेज में लिखा होता- मेरे कमरे में आओ, मैं तुम्हें विदेश ले जाऊंगा, तुम्हें कुछ खर्च नहीं करना होगा, अगर मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हें परीक्षा में फेल कर दूंगा। आरोपी रात में छात्राओं को अपने कमरे में बुलाता और मना करने पर उन्हें कम ग्रेड देने की धमकी देता।
आठ करोड़ फ्रीज किए
दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद के आठ करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। ये रकम 18 बैंक खातों और 28 एफडी में जमा थी। ये रकम आरोपी पार्थसारथी उर्फ बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के द्वारा बनाए गए ट्रस्ट से जुड़ी हुई है। साउथ-वेस्ट जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि आरोपी स्वामी को आगरा, यूपी के एक होटल से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को आरोपी के पास से कई फर्जी विजिंग टीम कार्ड मिले हैं। बयानों को पुष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे। इसके अलावा, संस्थान के हॉस्टल में गुप्त कैमरे लगाए जाने की बात सामने आई है, जिसकी जांच भी की जा रही है।
पीड़ित छात्राओं को कमरे में बंद रखता था
2016 में दर्ज की गई प्राथमिकी में लड़की ने आरोप लगाए थे कि चैतन्यानंद पीड़ित छात्राओं को कमरे में बंद रखता था। पीड़ित छात्रा उस समय 20-21 साल की थी। स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती रात में कॉल कर उसके साथ गंदी बातें करता था। उसे ‘बेबी’ और ‘स्वीट गर्ल’ कहकर बुलाता था।लड़की ने बताया था कि चैतन्यानंद ने उससे फोन छीन लिया था। वह हॉस्टल में पीड़ित छात्रा को अकेले रखता था और दूसरी छात्राओं से बात करने पर डांटता था। चैतन्यानंद ने पीड़िता पर दो दिन की मथुरा ट्रिप के लिए दबाव बनाया था। लड़की इसके लिए तैयार नहीं थी। ऐसे में चैतन्यानंद से डर के मारे उसे बैग-डॉक्यूमेंट्स छोड़कर भागना पड़ा था। भागने के बाद भी चैतन्यानंद सरस्वती के लोग उसके घर तक पहुंचे थे। ऐसे में पीड़ित के पिता ने उन्हें भगा दिया था और अपनी बेटी को उनसे बचाया था।
बाबा के खिलाफ अब तक प्राथमिकी दर्ज
चैतन्यानंद के खिलाफ अब तक 5 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 2 एफआईआर पुरानी है। एक एफआईआर 2009 और दूसरी 2016 की है, जबकि तीसरी प्राथमिकी मठ में धोखाधड़ी, चौथी छात्राओं के साथ छेड़छाड़, और पांचवीं प्राथमिकी फर्जी डिप्लोमैट नंबर प्लेट की है। चैतन्यानंद लाल गाड़ी में बार-बार नंबर प्लेट बदलता रहता था। सभी नंबर प्लेट पर यूएन लिखा रहता है, बस नंबर प्लेट पर डिजिट बदल दी जाती थी। स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ 17 में से 16 लड़कियों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए हैं। जिसमें पता लगा है कि स्वामी लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहा था और उन्हें धमकाता भी था। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित लड़कियों के 183 के बयान दर्ज करवाए हैं।
होटल में नाम बदलकर रुका था छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोपी स्वामी
छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के आरोपी शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के मैनेजर चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस की टीम ने आगरा के एक होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपी होटल में दूसरे नाम से रुका हुआ था। पुलिस की टीम ने देर रात दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया था।जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम को चैतन्यानंद के होटल में रूकने की भनक लग गई। आरोपी चैतन्यानंद शनिवार शाम से ही होटल में रुका हुआ था। दिल्ली पुलिस की टीम ने होटल में देर रात दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया है। होटल में 15 मिनट तक पूछताछ करने के बाद आरोपी को अपने साथ दिल्ली ले गई। चैतन्यानंद होटल में स्वामी पार्थसारथी के नाम से होटल में रूका हुआ था। वह आगरा के होटल फर्स्ट के रूम नंबर 101 में रुका हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने होटल का रजिस्टर चेक किया, जिसमें स्वामी पार्थ सारथी के नाम से एंट्री थी।
जानकारी के अनुसार चैतन्यानंद शनिवार शाम को ही वहां पहुंचा था। रात में उसने रेस्टोरेंट से खाना मंगाया था। होटल कर्मचारियों को आरोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वह दूसरे नाम और आईडी से होटल में रूका हुआ था।
शुरू से ही आगरा में मिल रही थी लोकेशन
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी स्वामी की शुरू से ही लोकेशन यूपी के आगरा शहर में मिल रही थी। पुलिस को आरोपी की लोकेशन बुधवार को आगरा में मिली थी। इसके बाद ही पुलिस सक्रिय हो गई। आरोपी के खिलाफ का लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया था। दिल्ली पुलिस शनिवार रात तीन बजे ताजगंज क्षेत्र में फतेहाबाद रोड स्थित होटल फर्स्ट में पहुंची। होटल के कर्मचारी भरत ने बताया कि सादा कपड़ों में दिल्ली पुलिस के दो अधिकारी होटल में आए थे। चैतन्यानंद ने स्वामी पार्थ सारथी के नाम से होटल के रजिस्टर में एंट्री थी। वह शनिवार शाम चार बजे होटल में पहुंचे थे। रात में रेस्टोरेंट से खाना मंगाया था। उनसे मिलने कोई होटल में नहीं आया। होटल के कर्मचारियों के स्वामी पार्थ सारथी के कारनामों की कोई जानकारी नहीं थी।








