अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गर्भवती महिलाओं को सलाह दी है। ट्रंप ने कहा कि गर्भवती महिलाएं जब तक बिल्कुल ज़रूरी न हो, टाइलेनॉल का इस्तेमाल न करें। अपने छोटे बच्चे को किसी भी कारण से टाइलेनॉल न दें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाएं वैक्सीन को पांच बार में लगवाएं।
इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिलाओं को गर्भावस्था में पैरासिटामोल न लेने की सलाह दी थी। ट्रंप ने कहा था कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने टाइलेनॉल (पैरासिटामोल के नाम से बिकने वाली दवा) में इस्तेमाल किए जाने वाले सक्रिय घटक को ऑटिज्म से जोड़ा है जिसके आधार पर सलाह दी जा रही है कि गर्भवती महिलाओं को इस दवा से बचना चाहिए।
वैज्ञानिकों ने खारिज किया था ट्रंप का दावा
भारत सहित दुनिया भर के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने ट्रंप के बयान को बिना ठोस प्रमाण वाला बताया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि पैरासिटामोल और ऑटिज्म के बीच सीधा संबंध होने का कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान कोई भी दवा अत्यधिक या लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बुरा असर डाल सकती है।
ट्रंप का बयान इसलिए क्योंकि भारत भेज रहा दवा
ट्रंप ने टाइलेनोल यानी पेरासिटामोल दवा को असुरक्षित होने का दावा करते हुए अमेरिका के एफडीए को चेतावनी जारी करने के लिए कहा है। विशेषज्ञ इस दावे के पीछे टैरिफ के बाद ट्रंप का भारत के लिए एक और निशाना मानते हैं क्योंकि भारत ने अक्तूबर 2023 से सितंबर 2024 तक पैरासिटामोल की 95 खेप अमेरिका निर्यात की हैं। ये निर्यात 10 भारतीय निर्यातकों द्वारा 50 अमेरिकी खरीदारों को किए गए जो पिछले बारह महीनों की तुलना में 46% की वृद्धि दर्शा रहा है। अकेले सितंबर 2024 में, भारत से 13 पेरासिटामोल निर्यात शिपमेंट किए गए जो सितंबर 2023 की तुलना में 13% अधिक है।








