अमेरिका में एक एप नियॉन मोबाइल का चलन बढ़ रहा है। यह यूजर्स के फोन कॉल रिकॉर्ड करके उसके बदले उन्हें पैसे देता है। इसके बाद यह एप उनके डेटा को एआई कंपनियों को बेच देता है। एप स्टोर के सोशल नेटवर्किंग सेक्शन में यह एप दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।
नियॉन का टर्म्स ऑफ सर्विस यूजर्स की इनबाउंड और आउटबाउंड कॉल्स रिकॉर्ड कर सकता है। एप दावा करता है कि सिर्फ यूजर की तरफ का ऑडियो रिकॉर्ड होता है। लेकिन कंपनी के नियमों के अनुसार, नियॉन को वैश्विक स्तर पर डेटा का उपयोग, बिक्री और संशोधन करने का अधिकार है।
कानूनी और सुरक्षा जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि एप तकनीकी रूप से कानूनी है क्योंकि यह सिर्फ एक पक्ष की कॉल रिकॉर्ड करता है। हालांकि, इस डेटा का उपयोग फेक कॉल्स या एआई वॉइस बनाने के लिए भी किया जा सकता है। साथ ही डेटा चोरी का भी खतरा हमेशा मौजूद रहता है
एआई और प्राइवेसी का संतुलन है बेहद जरूरी
एआई हमारी जिंदगी आसानी तो बनाते हैं, लेकिन साथ ही यूजर्स और उनके संपर्क रहने वाले लोगों की प्राइवेसी पर भी असर डालते हैं। यह एप दर्शाता है कि कुछ लोग अपने निजी डेटा को अपने स्वार्थ और थोड़े से लाभ के लिए साझा करने को तैयार हैं, जबकि इसके गंभीर सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान हो सकते हैं।







