जोहो- स्वदेशी प्लेटफॉर्म अपना रहे अश्विनी वैष्णव, सबसे विदेशी उत्पाद छोड़ने की अपील की, जानें क्या…

Spread the love

 

केंद्र सरकार तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि अब वे दस्तावेज, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन जैसे कामों के लिए जोहो प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे, जो कि पूरी तरह भारतीय कंपनी का बनाया गया उत्पाद है।

अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘मैं अब जोहो, हमारे अपने स्वदेशी प्लेटफॉर्म, पर जा रहा हूं, जहां मैं डॉक्यूमेंट्स, स्प्रेडशीट्स और प्रेजेंटेशन्स का काम करूंगा। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी आह्वान को अपनाते हुए भारतीय उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करें।’ उनके इस कदम को सरकार के उस विजन से जोड़ा जा रहा है जिसमें देश में विकसित सॉफ्टवेयर, एप्लिकेशन और हार्डवेयर के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि डिजिटल आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके।

 

क्या है जोहो?
जोहो एक भारतीय सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस कंपनी है, जिसकी स्थापना 1996 में श्रीधर वेम्बु और टोनी थॉमस ने की थी। कंपनी का मुख्यालय तमिलनाडु के चेन्नई में है, जबकि इसकी कानूनी पंजीकरण इकाई अमेरिका में मौजूद है। जोहो आज 55 से अधिक क्लाउड-आधारित टूल्स और सेवाएं उपलब्ध कराता है। इन सेवाओं में ईमेल, अकाउंटिंग, एचआर, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीआरएम) जैसे कई महत्वपूर्ण समाधान शामिल हैं। यह प्लेटफॉर्म न केवल छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए, बल्कि बड़े कॉर्पोरेट्स और फॉर्च्यून 500 कंपनियों के लिए भी भरोसेमंद विकल्प है। मौजूदा में 150 से ज्यादा देशों के 10 करोड़ से अधिक यूजर्स जोहो का इस्तेमाल कर रहे हैं।

और पढ़े  मौसम: आज से फिर बदलेगा मौसम- पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में आंधी-बारिश का अलर्ट, गर्मी से राहत की उम्मीद

माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को सीधी चुनौती
जोहो का जोहो वर्कप्लेस और जोहो ऑफिस सूट प्रोग्राम सीधे तौर पर माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 365 और गूगल वर्कस्पेस को चुनौती देते हैं। इसमें कई प्रमुख एप्स जोहो राइटर, जोहो शीट, जोहो शो, जोहो मेल, जोहो नोटबुक, जोहो वर्कड्राइव, जोहो मीटिंग, जोहो कैलेंडर शामिल हैं।

डाटा प्राइवेसी है बड़ी ताकत
जोहो का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह यूजर के डाटा को निजी रखता है। कंपनी का बिजनेस मॉडल विज्ञापनों पर निर्भर नहीं है, यानी आपके डेटा को विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचा जाता। जोहो का डाटा सेंटर कई देशों में फैले हुए हैं, जिससे यह स्थानीय डेटा कानूनों और नियमों का पालन कर पाता है। माइक्रोसॉफ्ट और गूगल की तुलना में इसके सब्सक्रिप्शन प्लान सस्ते हैं, जो खासतौर पर भारतीय छोटे और मझोले व्यवसायों के लिए किफायती विकल्प बनाता है।

ग्रामीण भारत से वैश्विक सफलता की कहानी
जोहो की एक खासियत यह भी है कि इसका बड़ा हिस्सा ग्रामीण तमिलनाडु से संचालित होता है। इसके संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रोजगार दिया है। यह मॉडल पूरी तरह से ‘वोकल फॉर लोकलट और ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन के अनुरूप है।


Spread the love
  • Related Posts

    Meeting: इंडिया ब्लॉक की बैठक शुरू, खरगे-राहुल, सोनिया-ममता, अखिलेश-तेजस्वी समेत कई नेता मौजूद

    Spread the love

    Spread the loveविपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक आज दिल्ली में आयोजित होगी। जिसमें हालिया विधानसभा चुनाव के बाद की रणनीति पर मंथन होगा। वहीं, विधानसभा चुनावों…


    Spread the love

    एयर इंडिया के 3 विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड इक्विपमेंट से टकराकर क्षतिग्रस्त, आंधी-बारिश बनी मुसीबत

    Spread the love

    Spread the loveदिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के टर्मिनल-2 पर खराब मौसम के कारण शनिवार को एक अप्रत्याशित घटना सामने आई. एयर इंडिया के तीन नैरोबॉडी…


    Spread the love