राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया एप टिकटॉक को बंद करने की समयसीमा बढ़ा दी है। यह चौथी बार है, जब ट्रंप ने संघीय नियमों की अनदेखी करते हुए टिकटॉक को बंद करने की समयसीमा बढ़ाई है। ट्रंप ने एप को चालू रखने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने एक दिन पहले कहा था कि टिकटॉक को चालू रखने के लिए चीन के साथ एक रूपरेखा समझौते पर पहुंच गए हैं।
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि टिकटॉक के लिए अमेरिका और चीन के बीच एक डील पर सहमति बन गई है। इस फैसले के बाद बाइटडांस के स्वामित्व वाला यह ऐप अमेरिका में काम करता रहेगा। ट्रंप ने कहा कि हमारे पास बहुत बड़ी कंपनियों का एक समूह है जो टिकटॉक को खरीदना चाहती हैं।
ट्रंप कई बार बढ़ा चुके टिकटॉक बिक्री की समयसीमा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक की बिक्री की समयसीमा तीन बार बढ़ा चुके हैं। पहली बार ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद 20 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद टिकटॉक पर अमेरिका में प्रतिबंध लगा दिया गया था। दूसरी बार अप्रैल में समयसीमा बढ़ाई गई, जब टिकटॉक को अमेरिकी कंपनी में बदलने की कोशिश हो रही थी, लेकिन ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद चीन के पीछे हटने से यह सौदा टूट गया था। तीसरी बार ट्रंप ने जून में समयसीमा 90 दिन के लिए बढ़ाई।
अमेरिका में टिकटॉक पर क्यों मंडरा रहा संकट
टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस (ByteDance) चीन की है और अमेरिका को आशंका है कि यह एप यूजर्स का डेटा चीन सरकार के साथ साझा कर सकता है। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए अमेरिका ने एक कानून पारित किया था, जिसके तहत बाइटडांस को टिकटॉक का मालिकाना अधिकार किसी अमेरिकी कंपनी को सौंपना होगा या फिर देश में इसका संचालन बंद करना पड़ेगा।
एफबीआई और फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन दोनों ने चेतावनी दी थी कि बाइटडांस उपयोगकर्ता डेटा, जैसे ब्राउजिंग हिस्ट्री, लोकेशन और बायोमेट्रिक जैसी जानकारियों को चीन की सत्तावादी सरकार के साथ साझा कर सकता है। टिकटॉक ने कहा कि उसने ऐसा कभी नहीं किया है और न ही ऐस करने का कोई उद्देश्य रखता है। टिकटॉक ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने ऐसा होने का सबूत नहीं दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना कार्यकाल शुरू करते ही टिकटॉक को बैन से कुछ दिनों की राहत दी थी।








