TikTok: ट्रंप ने फिर बढाई टिकटॉक बंद करने की समय-सीमा…

 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया एप टिकटॉक को बंद करने की समयसीमा बढ़ा दी है। यह चौथी बार है, जब ट्रंप ने संघीय नियमों की अनदेखी करते हुए टिकटॉक को बंद करने की समयसीमा बढ़ाई है। ट्रंप ने एप को चालू रखने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने एक दिन पहले कहा था कि टिकटॉक को चालू रखने के लिए चीन के साथ एक रूपरेखा समझौते पर पहुंच गए हैं।

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि टिकटॉक के लिए अमेरिका और चीन के बीच एक डील पर सहमति बन गई है। इस फैसले के बाद बाइटडांस के स्वामित्व वाला यह ऐप अमेरिका में काम करता रहेगा। ट्रंप ने कहा कि हमारे पास बहुत बड़ी कंपनियों का एक समूह है जो टिकटॉक को खरीदना चाहती हैं।

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह डील अगले 30 से 45 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। रिपब्लिकन नियंत्रित कांग्रेस की भी इस समझौते को मंजूरी की आवश्यकता हो सकती है। रिपोर्टस के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, अरबपति फ्रैंक मैककोर्ट और ओनलीफैन्स के संस्थापक के नेतृत्व वाला एक संघ बोली लगाने वालों में शामिल हैं। गौरतलब है कि 2024 में बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका में टिकटॉक के डेटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।

ट्रंप कई बार बढ़ा चुके टिकटॉक बिक्री की समयसीमा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक की बिक्री की समयसीमा तीन बार बढ़ा चुके हैं। पहली बार ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद 20 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद टिकटॉक पर अमेरिका में प्रतिबंध लगा दिया गया था। दूसरी बार अप्रैल में समयसीमा बढ़ाई गई, जब टिकटॉक को अमेरिकी कंपनी में बदलने की कोशिश हो रही थी, लेकिन ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद चीन के पीछे हटने से यह सौदा टूट गया था। तीसरी बार ट्रंप ने जून में समयसीमा 90 दिन के लिए बढ़ाई।

अमेरिका में टिकटॉक पर क्यों मंडरा रहा संकट
टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस (ByteDance) चीन की है और अमेरिका को आशंका है कि यह एप यूजर्स का डेटा चीन सरकार के साथ साझा कर सकता है। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए अमेरिका ने एक कानून पारित किया था, जिसके तहत बाइटडांस को टिकटॉक  का मालिकाना अधिकार किसी अमेरिकी कंपनी को सौंपना होगा या फिर देश में इसका संचालन बंद करना पड़ेगा।

और पढ़े  मणिपुर हिंसा: 24 घंटे में 28 घर जलाए, नागा और कुकी बस्तियों पर हमला, जंगलों में भागे लोग, क्या है पूरा मामला?

एफबीआई और फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन दोनों ने चेतावनी दी थी कि बाइटडांस उपयोगकर्ता डेटा, जैसे ब्राउजिंग हिस्ट्री, लोकेशन और बायोमेट्रिक जैसी जानकारियों को चीन की सत्तावादी सरकार के साथ साझा कर सकता है। टिकटॉक ने कहा कि उसने ऐसा कभी नहीं किया है और न ही ऐस करने का कोई उद्देश्य रखता है। टिकटॉक ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने ऐसा होने का सबूत नहीं दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना कार्यकाल शुरू करते ही टिकटॉक को बैन से कुछ दिनों की राहत दी थी।

  • Related Posts

    मन की बात- बिहार का मखाना पहुंच रहा ग्रीस: मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी, त्योहारी मौसम के लिए की क्या अपील?

    प्रधानमंत्री मोदी ने आकाशवाणी से ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश-विदेश के लोगों से अपने विचार साझा किए। यह मासिक रेडियो कार्यक्रम की 139वीं कड़ी है। पीएम मोदी मे इस…

    केरल: जज का नाबालिग बेटा चला रहा था मर्सिडीज कार, दोपहिया को मारी टक्कर, बाइक सवार 54 वर्षीय शख्स की मौत

    केरल के चेरानेल्लूर में रविवार तड़के एक मर्सिडीज-बेंज कार की टक्कर से स्कूटर सवार 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। आरोप है कि कार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का नाबालिग…