तमिलनाडु के कांचीपुरम की प्रधान जिला और सत्र अदालत ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएसपी एम. शंकर गणेश की गिरफ्तारी का आदेश दिया। अदालत ने यह कदम एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर उठाया। कोर्ट के आदेश में कहा गया कि 20 अगस्त 2025 को दर्ज एफआईआर के बाद भी जांच अधिकारी शंकर गणेश ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जो कानून के प्रावधानों का उल्लंघन है।
बेकरी हिंसा केस से जुड़ा है मामला
मामला वलजाबाद के बेकरी हिंसा केस से जुड़ा है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। इसी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डीएसपी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश पर कोर्ट परिसर में मची अफरा-तफरी
जब कोर्ट ने डीएसपी की गिरफ्तारी का आदेश सुनाया, तो कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मी पहले हिचकिचाए, फिर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि डीएसपी फरार हो गए हैं, लेकिन बाद में वे कोर्ट परिसर में ही मिले।
डीएसपी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में हुए भर्ती
वहीं शाम को अचानक डीएसपी की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, ‘डीएसपी की तबीयत खराब है। डॉक्टरों की सलाह के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।’ कोर्ट ने डीएसपी को 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।







