लगातार हो रही बारिश के चलते गर्जिया मंदिर के पुजारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल बंद कर दिया है। वहीं कोसी के बढ़ते जलस्तर के चलते गर्जिया मंदिर परिसर में स्थित बची 10 दुकानें भी पानी के बहाव में बह गईं। प्रशासन ने लोगों को कोसी नदी के आसपास नहीं जाने को कहा है।
रविवार देर रात से लगातार हो रही बारिश के चलते कोसी नदी उफान पर आ गई है। गर्जिया मंदिर के पुजारी शुभम पांडेय ने बताया कि सुबह 10 बजे मंदिर की सीढि़यों तक पानी पहुंचने पर मंदिर को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया है। कहा कि मंगलवार को भी पानी का जल स्तर कम नहीं हुआ तो मंदिर आगे भी बंद रहेगा। उधर पानी के उफान पर आते ही गर्जिया मंदिर परिसर में लगी बची हुई 10 दुकानें भी पानी के बहाव में बह गईं। इससे पूर्व विगत माह बढ़े पानी के बहाव से परिसर में लगी 70 दुकानें बह गई थी। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि मौसम विभाग के अलर्ट के बाद ही दुकानदारों को दुकानें खाली करा दी गई थीं। बताया कि जलस्तर बढ़ने पर करीब 10 दुकानें बह गई हैं।
मोबाइल स्विच ऑफ न रहे
डीएम का निर्देश है कि मार्ग पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना जरूरी है। उनके भोजन की व्यवस्था की जाए। यह ध्यान रखें कि कोई भी अधिकारी या आपदा से जुड़ा कर्मचारी अपना मोबाइल फोन बंद नहीं रखेगा। वहीं, देवखड़ी हाइडिल, कलसिया गौला बैराज, रकसिया नाला और दमनाढूंगा क्षेत्र में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर पुलि अलर्ट रही। सीओ नितिन लोहनी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।







