दुबई से अवैध सोना तस्करी मामले में जेल की सजा काट रहीं अभिनेत्री रान्या राव को अब राजस्व खुफिया निदेशालय से 102.55 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का नोटिस मिला है। केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अवैध रूप से सोना तस्करी करने के आरोप में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इस दौरान डीआरआई अधिकारियों ने रान्या राव के पास से 14.8 किलोग्राम सोना जब्त किया था।
जुर्माना न भरने पर जब्त की जाएगी संपत्ति
इस मामले की जांच के दौरान डीआरआई को पता चला था कि रान्या राव करीब 15 दिनों में चार बार दुबई गई थीं और हर बार उन्होंने सोने की तस्करी की थी। अब इस मामले में डीआरआई की तरफ से 102.55 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का नोटिस जारी किया गया है। 2 सितंबर को रान्या समेत चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक जुर्माना न भरने पर संपत्ति जब्त हो सकती है।
अन्य तीन आरोपियों पर कितना-कितना लगा जुर्माना?
मामले में डीआरआई ने होटल व्यवसायी तरुण कोंडाराजू पर 63 करोड़ रुपये और ज्वैलर्स साहिल सकारिया जैन और भरत कुमार जैन पर 56-56 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। मंगलवार को, डीआरआई के अधिकारी बंगलूरू सेंट्रल जेल पहुंचे और उनमें से सभी को 250-2500 पन्नों का नोटिस और 2,500 पन्नों का अनुलग्नक सौंपा। डीआरआई के एक सूत्र ने बताया, ‘सहायक दस्तावेजों के साथ एक विस्तृत नोटिस तैयार करना एक कठिन काम था। आज हमने आरोपियों को 11,000 पन्नों के दस्तावेज सौंपे।’ अभिनेत्री को इस साल जुलाई में सोने की तस्करी के मामले में कड़े विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी रोकथाम अधिनियम के तहत एक साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। डीआरआई सूत्रों ने बताया कि सीओएफईपीओएसए से संबंधित मामला मंगलवार को उच्च न्यायालय में आया, जहां इसकी सुनवाई 11 सितंबर के लिए स्थगित कर दी गई।
ऐसे उजागर हुआ था तस्करी का मामला?
तीन मार्च को डीआरआई ने केम्पे गौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बंगलूरू से अभिनेत्री रान्या राव को गिरफ्तार किया, जो 14 किलो से ज्यादा सोना दुबई से भारत में तस्करी करने की कोशिश कर रही थीं। इसके बाद, 6 मार्च को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो विदेशी नागरिकों (एक ओमानी और एक यूएई का नागरिक) को गिरफ्तार किया गया। वे 21.28 किलोग्राम सोना, जिसकी कीमत करीब 18.92 करोड़ रुपये है, भारत लाने की कोशिश कर रहे थे।
अनिवार्य अवकाश पर भेजे गए थे सौतेले पिता रामचंद्र राव
वहीं अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े सोना तस्करी मामले में कर्नाटक सरकार ने उनके सौतेले पिता डीजीपी रैंक के अधिकारी के. रामचंद्र राव को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया था। इस घटना के दौरान आईपीएस अधिकारी के. रामचंद्र राव कर्नाटक राज्य पुलिस आवास एवं अवसंरचना विकास निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे। इसके बाद बीते महीने 11 अगस्त को कर्नाटक सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के रामचंद्र राव को नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय का डीजीपी नियुक्त किया। सोने की तस्करी के एक मामले में उनकी सौतेली बेटी और अभिनेत्री रान्या राव की गिरफ्तारी के बाद उन पर लगाया गया अनिवार्य अवकाश वापस ले लिया गया।
सरकारी आदेश में क्या कहा गया था?
एक सरकारी आदेश में कहा गया है, ‘डॉ. के रामचंद्र राव, आईपीएस (केएन 1993) के संबंध में अनिवार्य अवकाश का आदेश वापस लिया जाता है और अधिकारी को तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के पुलिस महानिदेशक के पद पर उन्नत रिक्त पद पर तैनात किया जाता है।’ इसमें कहा गया है कि नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के पुलिस महानिदेशक का पद, आईपीएस (वेतन) नियम 2016 के नियम 12 के तहत, जैसा कि उक्त नियम की अनुसूची II में शामिल है, पुलिस महानिदेशक, आपराधिक जांच विभाग, विशेष इकाइयां और आर्थिक अपराध, बंगलूरू के कैडर पद के समकक्ष हैसियत और जिम्मेदारियों में घोषित किया गया है।







