79वें स्वतंत्रता दिवस: pm मोदी ने तोड़ा अपना ही सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड, जानें कब-कितना लंबा रहा उनका संबोधन

Spread the love

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 12वीं बार लाल किले से देश को संबोधित किया। इस साल पीएम मोदी ने करीब 103 मिनट लंबा भाषण दिया, जो कि इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सबसे लंबा भाषण है। पिछले साल भी पीएम मोदी ने 98 मिनट का भाषण देकर नया रिकॉर्ड बनाया था।

इससे पहले 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने 86 मिनट का भाषण देकर उन्होने देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड तोड़ा था। आइए जानते हैं…

 

 

अब तक सिर्फ एक बार एक घंटे से कम बोले प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी अब तक कुल 11 बार लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं। केवल एक बार उन्होंने देश को एक घंटे से कम समय के लिए संबोधित किया। 2017 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का भाषण केवल 56 मिनट का रहा था। ये उनका अब तक का सबसे छोटा भाषण है।

किस स्वतंत्रता दिवस पर कितने मिनट बोले मोदी?
प्रधानमंत्री ने जब साल 2014 में देश को पहली बार लाल किले से संबोधित किया तो उन्होंने कुल 65 मिनट तक भाषण दिया। इसके बाद, साल 2015 में उन्होंने 86 मिनट तक देश को संबोधित किया। देश जब आजादी की 70वीं वर्षगांठ मना रहा था, उस दौरान पीएम मोदी ने देश को लाल किले से 94 मिनट तक संबोधित किया। यह उनके प्रधानमंत्री के रूप में रहने के दौरान लाल किले से दिया गया सबसे लंबा भाषण है।

और पढ़े  दिल्ली कैपिटल्स में बदलाव की तैयारी: गांगुली बनेंगे डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट, युवराज को भी मिली नई जिम्मेदारी

पीएम मोदी ने 2017 के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 57 मिनट, 2018 में 82 मिनट और 2019 में 92 मिनट तक देश को संबोधित किया।  इसके बाद 2020 में 86 मिनट, 2021 में 88 मिनट, 2022 में 83 मिनट और 2023 में 90 मिनट तक पीएम मोदी ने लाल किले से भाषण दिया।

2015 में नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था
2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 86 मिनट का भाषण देकर पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था। नेहरू ने 1947 में लाल किले से 72 मिनट लंबा भाषण दिया था।

सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड नेहरू के नाम  
जवाहरलाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। लाल किले की प्राचीर से सबसे ज्यादा बार तिरंगा झंडा लहराने का अवसर उन्हें ही मिला था। नेहरू 1947 से लेकर 1964 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर रिकॉर्ड 17 बार झंडा फहराया।

इस मामले में दूसरे नंबर पर भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री और जवाहरलाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी हैं। उन्होंने लाल किले पर 16 बार राष्ट्रध्वज फहराया है। लाल किले पर तिरंगा फहराने के मामले में तीसरे नंबर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम है। दोनों नेताओं 10 बार लाल किले पर झंडा फहराया है।

इन प्रधानमंत्रियों ने कभी नहीं फहराया लाल किले पर तिरंगा 
भारतीय इतिहास में दो ऐसे प्रधानमंत्रियों का नाम भी दर्ज है, जिन्हें लाल किला पर तिरंगा फहराने का अवसर ही नहीं मिला। ये थे गुलजारीलाल नंदा और चंद्रशेखर। गुलजारी लाल नंदा दो बार 13-13 दिन के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे। पहली बार जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद 27 मई, 1964 को गुलजारीलाल नंदा 13 दिन के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने थे और दूसरी बार लाल बहादुर शास्त्री के देहांत के बाद 11 जनवरी, 1966 को फिर 13 दिन के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। इस प्रकार प्रधानमंत्री के तौर पर उनका पूरा कार्यकाल महज 26 दिनों का ही रहा।

और पढ़े  Delhi- दिल्ली में अगले महीने लागू हो सकती है नई ईवी पॉलिसी, कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार

वहीं, गुलजारीलाल नंदा के बाद चंद्रशेखर दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्हें एक बार भी लाल किले की प्राचीर से झंडा फहराने का अवसर नहीं मिला। वह 10 नवंबर, 1990 से 21 जून, 1991 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे थे।

किस प्रधानमंत्री ने कितनी बार फहराया लाल किले पर तिरंगा 
भारत को परमाणु शक्ति से संपन्न राष्ट्र बनाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए कुल छह बार लाल किले से तिरंगा झंडा फहराया है। वहीं, राजीव गांधी और पी. वी. नरसिम्हा राव ने पांच-पांच बार, मोरारजी देसाई ने दो बार और चौधरी चरण सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, एचडी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल ने एक-एक बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से तिरंगा झंडा फहराया और देश को संबोधित किया।

Spread the love
  • Related Posts

    दिल्ली में रेलवे स्टेशन पर कत्ल: योग एक्सप्रेस में सीट के लिए पीट-पीटकर मार डाला, पंकज पर लात-घूंसों से हमला

    Spread the love

    Spread the loveदिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए विवाद में एक यात्री की पीट-पीटकर…


    Spread the love

    खुलासा: अगवा कर बच्चों को बेचते, दिल्ली से हरिद्वार और गाजियाबाद तक 300 CCTV फुटेज से सुलझा रहस्य

    Spread the love

    Spread the love   नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (एनडीआरएस) थाना पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में बच्चों को अगवा कर बेचने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस…


    Spread the love