जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने नैनीताल जिले में दीपा दरम्वाल पर भरोसा जताते हुए उन्हें पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। पार्टी ने युवा ब्रिगेड के स्थान पर अनुभव को तरजीह देते हुए दीपा दरम्वाल को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए चुनाव लड़ाने का फैसला किया।
जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने बताया कि पहली सूची में नैनीताल जिले की सामान्य सीट के लिए दीपा दरम्वाल का नाम घोषित हो गया है। दीपा ने देवलचौड़ बंदोबस्ती से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। उनके पति आनंद सिंह दरम्वाल निवर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट के लिए दीपा का नाम पहले से ही चर्चा में आगे चल रहा था। उनके अलावा इस सीट पर ढोलीगांव से जीतकर आए बहादुर सिंह नगदली के साथ ही निर्विरोध निर्वाचित हुए सुमित नगदली के नामों की भी चर्चा थी। मगर पार्टी ने अनुभव को वरीयता देते हुए दीपा दरम्वाल को पार्टी से अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
बेला की हार के बाद तय था दीपा का प्रत्याशी घोषित होना
हल्द्वानी। जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में इस बार हल्द्वानी में निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया ने रामणी आन सिंह सीट से चुनाव लड़ा था। तब यह माना जा रहा था कि जीत होने की स्थिति में उन्हीं की जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए दावेदारी रहेगी। दूसरी ओर निवर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरम्वाल की पत्नी दीपा दरम्वाल देवलचौड़ बंदोबस्ती से चुनाव लड़ रही थीं। दोनों की जीत की स्थिति में बेला, दीपा के बीच से ही जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी का फैसला होता। मगर बेला तोलिया को छवि कांडपाल ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हराया तो राजनीतिक समीकरण ही बदल गए। इसके बाद से यह बात सामने आ गई थी भाजपा दीपा को ही अपना प्रत्याशी बनाएगी। आखिर में यही हुआ और भाजपा ने एक तरह से अनुभव को तरजीह देते हुए उन्हें अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया।







