विशाखापत्तनम: 25 हजार से ज्यादा छात्रों ने 108 मिनट में 108 सूर्य नमस्कार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड

 

सामूहिक सूर्य नमस्कार कर 25 हजार से अधिक जनजातीय छात्रों ने शुक्रवार को नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। जल्द ही गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकता है।

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर विशाखापत्तनम के आंध्र विश्वविद्यालय में 25 हजार से ज्यादा स्कूली बच्चों ने 108 मिनट में 108 सूर्य नमस्कार किया। इनमें ज्यादातर बालिकाएं शामिल थी। ये सभी बच्चे अल्लूरी सीताराम राजू जिले के ट्राइबल वेलफेयर रेसिडेंशियल आश्रम स्कूल, एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सहित अन्य स्कूल से आए थे। यह पहल जनजातीय समुदायों की भागीदारी और योग के गांवों तक पहुंच का एक प्रयास है। साथ ही बच्चों को दैनिक जीवन में योग के महत्व को बताना और स्वस्थ जीवन जीने के लिए स्कूली उम्र से ही इस अभ्यास को अपनाने की जानकारी देना है।

More than 25 thousand tribal students created a world record of Surya Namaskar in Visakhapatnam

इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव ने कहा कि विशाखापत्तनम में जनजातीय छात्रों ने एक ऐतिहासिक काम किया है। एक जगह पर एक साथ सूर्य नमस्कार करके इन्होंने पूरी दुनिया को योग करने का संदेश दिया है। आज शहरी क्षेत्र के बच्चों में खराब जीवन शैली और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण मोटापे की समस्या बढ़ रही है। शहरी क्षेत्र में बच्चे जंक फूड खाते हैं, शारीरिक व्यायाम न करने से उन में समस्याएं होती हैं।

वहीं, आंध्र प्रदेश के पहाड़ों व जंगलों में रहने वाले इन जनजातीय बच्चों ने आज विश्व रिकॉर्ड बनाकर भारत का नाम रोशन किया है। उनके खानपान और पर्यावरण उनके शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाता है। इसमें योग अहम भूमिका निभा रहा है। बच्चों को आगे बढ़कर योग को अपनाना चाहिए। यह स्वस्थ शरीर के लिए लाभदायक है। इस मौके पर आंध्र प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश, आंध्र प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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बचपन से कर रहे हैं योग 
आयोजन में अल्लूरी सीताराम राजू जिले में पाडेरू मंडल से योग करने आई राजम्मा ने बताया कि वो वर्षों से योग कर रही है। योग के कारण पूरा शरीर स्वस्थ रहता है। वह दूसरों को भी योग करने की सलाह देती है। उसका कहना है कि इसकी मदद से वह दूसरे बच्चों को भी स्वस्थ रख सकती है। उसका कहना है कि योग को खेल की तरह मानती है।

 

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