एक ही छत के नीचे रहने के लिए विवाह के सात फेरों का बंधन अब अनिवार्य नहीं रहा। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता ने लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दी तो दून में दो जोड़े सबसे पहले लिव-इन रिलेशन का पंजीकरण कराने के लिए आगे आए। यानी देश में दो जोड़े कानूनी संरक्षण में एक साथ रह सकेंगे।
दोनों युगलों ने यूसीसी पोर्टल पर लिव-इन का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया है। दून पुलिस आवेदनों की जांच कर रही है। दस्तावेज व दावे सही पाए जाने पर दोनों को लिव-इन में रहने की अनुमति दी जाएगी।









