हेलीकॉप्टर: फिर हुई पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हेलीकॉप्टर की तलाशी, कार्रवाई पर भड़की शिवसेना यूबीटी

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हेलीकॉप्टर की एक बार फिर तलाशी ली गई है। उद्धव की पार्टी- शिवसेना यूबीटी इस कार्रवाई को लेकर आक्रामक तेवर दिखा रही है। खबरों के मुताबिक चुनाव प्रचार के सिलसिले में हेलीकॉप्टर से लातूर गए उद्धव के हेलीकॉप्टर के साथ-साथ उनके बैग की भी तलाशी ली गई। शिवसेना के आधिकारिक एक्स हैंडल पर कार्रवाई की वीडियो भी शेयर की गई है। शिवसेना यूबीटी का आरोप है कि शिवसेना पर प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई हो रही है, जबकि सत्ताधारी महायुति में शामिल दल- (भाजपा-शिवसेना-एनसीपी) की तरफ से पैसे बांटने की घटना पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। चुनाव आयोग ने कहा है कि कार्रवाई तय नियमों के मुताबिक होती है।

शिवसेना यूबीटी ने एक्स हैंडल पर वीडियो पोस्ट किया 
बता दें कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को मतदान होना है। इससे पहले सियासी आरोप-प्रत्यारोप जमकर हो रहे हैं। चुनाव आयोग और भाजपा नीत केंद्र सरकार पर संविधान की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए शिवसेना ने कहा, ‘डॉ. बाबा साहब द्वारा लिखे गए संविधान में हम सभी के लिए समान न्याय की बात कही गई है। लेकिन व्यवस्थाओं को अपने हाथ में लेकर और लोकतंत्र को रौंदकर राज करने वाले दिल्ली के लोगों ने हर स्तर पर उस संविधान की अवहेलना करने का फैसला किया है।

 

कमलाबाई और देशद्रोहियों के सामान की भी इसी तरह जांच होनी चाहिए
शिवसेना ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने उद्धव ठाकरे के सामान की जांच की। एक्स हैंडल पर शेयर वीडियो के साथ मराठी भाषा में लिखे ब्यौरे में शिवसेना ने कहा, ‘जो हुआ वह बहुत बढ़िया था। हालांकि, उन्हें टैक्स से क्यों डर लगता है? अब कमलाबाई और देशद्रोहियों के सामान की भी इसी तरह जांच होनी चाहिए! लोगों को समझना चाहिए कि बक्से कौन, कहां से और कैसे ले जा रहा है। चोर के अलावा संन्यासी को फांसी पर लटकाने की कोशिश कौन कर रहा है!’

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चुनाव आयोग ने क्या बयान दिया?
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बैग की जांच मामले में आरोप पर चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से बयान जारी किया गया। अधिकारियों की तरफ से निशाना बनाए जाने के आरोपों पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने मंगलवार को कहा, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत सभी राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं के विमानों और हेलीकॉप्टरों की जांच की जाती है। आयोग के मुताबिक पिछले चुनावों के दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के विमानों और हेलीकॉप्टरों की जांच भी की गई थी।

बिहार में जेपी नड्डा और शाह के हेलीकॉप्टरों की भी तलाशी हुई
आयोग के एक पदाधिकारी ने बताया, चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए एजेंसियां सख्त एसओपी का पालन करती हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान, बिहार में भी इसी तरह का मुद्दा उठाया गया था। आयोग स्पष्ट कर चुका है कि 24 अप्रैल को भागलपुर जिले में नड्डा सहित प्रमुख नेताओं के हेलीकॉप्टरों की जांच की गई थी। एसओपी के अनुसार 21 अप्रैल को कटिहार जिले में अमित शाह की जांच भी की गई थी।

सभी नेताओं के हेलीकॉप्टरों की तलाश के निर्देश
सूत्रों ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के बयान को भी रेखांकित किया। आयोग ने याद दिलाया कि प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रत्याशियों को समान अवसर मिले इसके लिए जरूरी सभी नेताओं के हेलीकॉप्टरों की जांच सुनिश्चित की जाए।

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