मार्क जकरबर्ग: मार्क जकरबर्ग बने दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति,ऐसे बरसे पैसे

Spread the love

मार्क जकरबर्ग गुरुवार को पहली बार दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। संपत्ति के मामले में उन्होंने अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस को पीछे छोड़ दिया। ऐसा मेटा प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में लगातार बढ़ोतरी के कारण हुआ। मेटावर्स और एआई पर जकरबर्ग के जिस दांव को शुरू में एक बहुत बड़ी विफलता की तरह देखा जा रहा था, हाल के महीनों में सफल साबित हुआ है।

जकरबर्ग की संपत्ति 206.2 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंची

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, गुरुवार को जकरबर्ग की कुल संपत्ति 206.2 बिलियन डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इस वृद्धि से वे संपत्ति के मामले में अमेजन के बेजोस से $1.1 बिलियन आगे निकल गए। अब इस मामले में उनसे आगे केवल टेस्ला के एलन मस्क है। जिनकी संपत्ति जकरबर्ग से लगभग 50 बिलियन डॉलर अधिक है।

 

क्या है मार्क जकरबर्ग की संपत्ति बढ़ने का कारण?

मेटा के शेयरों में दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर बिक्री के आंकड़े और एआई चैटबॉट को शक्ति देने वाले बड़े भाषा मॉडल की दिशा में कदम बढ़ाने के बाद 23% की वृद्धि आई। कंपनी के शेयर गुरुवार को 582.77 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ। मेटा ने डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग पावर पर भारी खर्च किया है। जकरबर्ग एआई दौड़ की दौड़ में अग्रणी स्थान हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। कंपनी ने अन्य दीर्घकालिक परियोजनाओं पर भी काम करना शुरू कर दिया है। इनमें ओरियन ऑगमेंटेड रियलिटी ग्लास भी शामिल है, जिसकी घोषणा कंपनी ने पिछले महीने की थी।

2024 में जकरबर्ग की संपत्ति में 78 अरब डॉलर का इजाफा

कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित कंपनी में 13% हिस्सेदारी रखने वाले जकरबर्ग की संपत्ति में इस वर्ष अब तक 78 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि ब्लूमबर्ग सूचकांक की ओर से ट्रैक किए गए दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों में सबसे अधिक है। 40 वर्षीय जकरबर्ग इस वर्ष संपत्ति सूचकांक पर चार स्थान ऊपर आए हैं।

और पढ़े  खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% पर, जानिए क्यों आम आदमी की जेब पर पड़ रहा बोझ

Spread the love
  • Related Posts

    भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता: 5 साल के लिए सामाजिक सुरक्षा भुगतान से छूट, 75,000 भारतीय पेशेवरों को होगा लाभ

    Spread the love

    Spread the loveभारत और ब्रिटेन के बीच हुए सामाजिक सुरक्षा समझौते के तहत अब भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन में अस्थायी तौर पर भेजे गए कर्मचारियों के लिए पांच वर्ष तक…


    Spread the love

    भारत का प्रथम गांव: माणा में अनोखी परंपरा, पत्थरों की मीनारों का अनोखा संसार, यात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र

    Spread the love

    Spread the loveदेश के प्रथम गांव माणा में एक अनोखी परंपरा तीर्थयात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बदरीनाथ धाम के दर्शन के बाद माणा पहुंचने वाले श्रद्धालु…


    Spread the love