हल्द्वानी। प्रदेश में शुक्रवार से जारी सियासी हलचल की सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा रही। तरह-तरह के मैसेज सोलश मीडिया पर दिनभर इधर-उधर होते रहे। किसी ने कटाक्ष किया तो कोई भाजपा की मंशा पर ही सवाल उठाते देखा गया। कई तो ऐसे भी थे जो विधायक पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते दिखे। लोगों की अपनी-अपनी अटकलें थीं और दलीलें भी। पेश हैं सोशल मीडिया में किए गए कुछ तंज:
कोरोना की तीसरी लहर से पहले उत्तराखंड को मिला तीसरा मुख्यमंत्री।
– दसवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का नाम पूछा गया था, तब छात्र ने उत्तर लिखा कि मास्टर जी जब आपने प्रश्नपत्र बनाया होगा तब प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत थे। जब मैं जवाब लिख रहा हूं तक मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत हैं और जब आप मेरी कॉपी जांचेंगे उस दिन कौन मुख्यमंत्री होगा भगवान ही जानें। मोदी के नाम पर आज तक खा गए। एक भी विधायक योग्य नहीं पाया गया कि जो प्रदेश को नेतृत्व दे पाए। आखिर ऐसी पार्टी को जनता कब तक ढोएगी। प्रदेश में कोई भी पार्टी राज करने लायक नहीं है, यहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
वायरल हुआ धामी का एक पुराना वीडियो
हल्द्वानी। सीएम पद के लिए पुष्कर सिंह धामी के नाम की घोषणा होते ही उनका पुराना वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। किसी सभा में पुष्कर सिंह धामी कहते सुने गए हैं कि मैंने व्यक्तिगत किसी का कुछ बिगाड़ा नहीं, किसी के व्यापार पर परेशान नहीं किया, किसी की ठेकेदारी बंद नहीं की, किसी की चोरी बंद नहीं की जो करता था करता होगा। इस वीडियो पर लोगों ने कमेंट किए हैं कि यह भी पुराने दो सीएम से कम नहीं।
20 साल में 11 मुख्यमंत्री राज्य की जनता के साथ छलावा
हल्द्वानी। राज्य आंदोलनकारियों ने बैठककर करीब 20 साल आठ माह के युवा उत्तराखंड राज्य में 11 मुख्यमंत्री बदले जाने को राज्य की जनता के साथ छलावा बताया है। भुवन तिवारी, नंदकिशोर कपिल, बालम सिंह, राजेंद्र खनवाल, अनिता बर्गली, दीवान सिंह बिष्ट, बृजमोहन सिजवाली, जगमोहन चिलवाल, नवीन नैथानी आदि ने कहा कि जनता के हितों से खिलवाड़ हो रहा है। पूर्व केंद्रीय महामंत्री सुशील उनियाल का कहना है कि बार-बार मुख्यमंत्री बदला जाना जनता के साथ मजाक है







