केंद्र सरकार अलर्ट- चांदीपुरा वायरस से अलर्ट मोड में आई सरकार, मंत्रालय ने बनाई इससे निपटने की रणनीति

केंद्र सरकार अलर्ट- चांदीपुरा वायरस से अलर्ट मोड में आई सरकार, मंत्रालय ने बनाई इससे निपटने की रणनीति

भारत के तीन अलग-अलग राज्यों में मिले तीन अलग-अलग वायरस को लेकर केंद्र सरकार लगातार निगरानी कर रही है। गुजरात में चांदीपुरा वायरस तो केरल में निपाह और महाराष्ट्र में जीका वायरस के मामले सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने इन मामलों के सामने आने के बाद एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी लगातार चांदीपुरा वायरस को लेकर गुजरात और आसपास के राज्यों में निगरानी भी कर रही है। हालांकि केंद्र सरकार की क्विक रिस्पांस टीम के मुताबिक जिन राज्यों में अलग-अलग वायरस के मामले सामने आ रहे हैं वहां पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ समन्वय करके विशेषज्ञों की टीम भेजी जा रही है। रविवार को भी इस टीम की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। तीनों राज्यों की वर्तमान स्थिति पर आगे का पूरा प्लान तैयार किया गया है।

केरल में निपाह वायरस की दस्तक के बाद केंद्र सरकार ने क्विक रिस्पांस टीम का गठन कर राज्य सरकार से लगातार संपर्क में है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल केरल के उन सभी इलाकों में जांच अभियान चलाया जा चुका है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल वायरस के पूरे राज्य में फैलने की ना तो पुष्टि हुई है और ना ही इस तरीके का कोई अंदेशा है। फिलहाल केंद्र सरकार और राज्य सरकार आपसी समन्वय के साथ संपर्क में आए लोगों को अगले 14 दिनों तक के लिए मॉनिटर कर रही है। फिलहाल एक सप्ताह की रिपोर्ट के मुताबिक केरल में निपाह वायरस के संक्रमण फैलने की कोई भी कड़ी नजर नहीं आई है।

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केंद्र सरकार के सामने इस वक्त सिर्फ केरल में निपाह वायरस ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में जीका वायरस और गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर के भी सबसे ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस वक्त पूरे देश में सबसे ज्यादा गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर चिंता बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक गुजरात में अब तक चांदीपुर वायरस से 48 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि 127 से ज्यादा नए मामले दर्ज हो चुके हैं। गुजरात में लगातार बढ़ रहे हैं मामले और हो रही मौतों के बाद केंद्र सरकार ने पुणे नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी मैं सैंपल जांच के लिए दोबारा फिर से भेजे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक सिर्फ गुजरात ही नहीं बल्कि यह खतरनाक वायरस आसपास के राज्यों में भी फैल सकता है। इसमें फिलहाल राजस्थान में भी कुछ मामले संदिग्ध रूप से सामने आए हैं।

गुजरात में लगातार बढ़ रहा है मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने प्रभावी दिलकों का जायजा भी लिया है। इस टीम में शामिल अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित इलाकों में भीलोड़ा और मेगराज इलाके में लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक यहां पर मरीजों और इलाके में वायरस फैलाने वाली रेतमक्खी के नमूने भी इकट्ठे करके पुणे की नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी में भेजा गया है। इसके अलावा गुजरात समेत आसपास के राज्यों में भी केंद्र सरकार की टीम और अलग-अलग राज्यों की टीम लगातार मॉनीटरिंग कर रही है

इसी तरीके से महाराष्ट्र में जीका वायरस के मामलों को लेकर भी केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह एक एडवाइजरी जारी की थी। उसके बाद लगातार एक सप्ताह तक महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में जीका वायरस के संदिग्धों की पहचान की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक रिस्पांस टीम ने अलग-अलग राज्यों अलग-अलग राज्य में लिए गए नमूनों को एकत्रित किया गया है। देश के अलग-अलग राज्यों की प्रमुख लैब में जांच की जा रही है। फिलहाल रविवार को अलग-अलग राज्यों मैं हुई बीते सप्ताह की मॉनिटर को लेकर क्योंकि रिस्पांस टीम ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में अपनी पूरी रिपोर्ट साझा की है।

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