लालकुआँ- ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की भारी किल्लत, गैस एजेंसियां नहीं कर पा रही हैं सिलेंडरों की होम डिलीवरी.

Spread the love

लालकुआँ- ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की भारी किल्लत, गैस एजेंसियां नहीं कर पा रही हैं सिलेंडरों की होम डिलीवरी.

लालकुऑं समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की भारी किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं और खाना बनाने के लिए गैस उपभोक्ताओं को लकड़ियों पर खाना बनाना पड़ रहा है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी ना होने से उपभोक्ता परेशान हैं। लोगों को लगभग दो, तीन सप्ताह से रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जिसके चलते उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर कालाबजारियों से अधिक दामों पर खरीदना पड़ रहा है।
बताते चलें कि लालकुआँ स्थित सुरूचि इण्डेन गैस एजेंसी में हुई सिलेंडरों की गड़बड़ी के बाद से इण्डेन कम्पनी द्वारा एजेंसी की गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है जिसके बाद से कम्पनी ने क्षेत्रीय उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हल्द्वानी तीनपानी की आशीर्वाद और नगला की राधे-राधे इण्डेन गैस एजेंसी को सौंपा दी है। लेकिन उक्त एजेंसियां उपभोक्ताओं को समय पर रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं की जा रही है जिससे गैस उपभोक्ता काफी परेशान हैं और घंटों लाइन लगाने के बाद भी खाली गैस सिलेंडर लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। जिसका भरपूर फायदा गैस की कालाबाजारी का धंधा करने वाले लोग उठा रहे हैं। जबकि गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से फ्री में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी का पैसा बसूल रही हैं।
बताते चलें कि लालकुआँ की सुरूचि इण्डेन गैस एजेंसी में लगभग अठारह हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं जिसमें लालकुआँ, मोतीनगर, बेरीपढ़ाव, हल्दूचौड़ व
बिन्दुखत्ता के गैस उपभोक्ता शामिल हैं। इन उपभोक्ताओं को सुरूचि इंडिन गैस एजेंसी गैस सिलेंडर डिलीवरी करती रही है लेकिन इण्डेन कम्पनी द्वारा कि गई जांच में एजेंसी में गैस सिलेंडरों में पाई गई गड़बड़ी के बाद कम्पनी ने सुरूचि इण्डेन गैस एजेंसी लालकुआँ की सप्लाई पर रोक लगा दी जिसके बाद से क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत पैदा हो रही है। उपभोक्ताओं को एक-दो सप्ताह से गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जिसके चलते परेशान गैस उपभोक्ता लकड़ियों से चूल्हे का उपयोग कर खाना बनाने को मजबूर हैं।
क्षेत्र के रसोई गैस उपभोक्ताओं ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से खाली गैस सिलेंडर लेकर गैस भरवाने के लिए एजेंसी से लेकर गोदाम तक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है। साथ ही जिन एजेंसियों को इण्डेन कम्पनी ने गैस बांटने की जिम्मेदारी सौंपी है वह भी केवल खाना पूर्ति करती दिखाई दे रही हैं। ऐसे में उन्हें दो वक्त का खाना बनाने के लिए इधर-उधर से लकड़ियों का इंतजाम कर चूल्हे पर खाना पकाना पड़ रहा है। जिसके कारण उपभोक्ता बेहद परेशान हैं। वहीं गैस की कालाबाजारी करने वालों की चांदी कट रही है और उनके द्वारा 930 रूपये में मिलने वाला घरेलू गैस सिलेंडर 1100 स 1200 सौ रूपये में धड़ल्ले से हर समय बेचा जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर कालाबाजारी को घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कौन कर रहा है।

और पढ़े  देहरादून- सरकार के 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम का CM धामी ने किया शुभारंभ, स्टॉल पर पहुंच बनाई सेल रोटी

Spread the love
  • Related Posts

    चमोली- आंचल के सिर सजा फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 का ताज

    Spread the love

    Spread the loveचमोली जिले के किरुली गांव निवासी आंचल फरस्वाण फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड चुनी गई हैं। वह मुंबई में होने वाले फेमिना मिस इंडिया में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी।…


    Spread the love

    देहरादून: 10 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न में 65 साल का आटा चक्की संचालक गिरफ्तार, मां ने की थी शिकायत

    Spread the love

    Spread the love     सहसपुर कोतवाली क्षेत्र में 65 वर्षीय आटा चक्की (घराट) संचालक को 10 वर्ष की बच्ची से यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया है। शिकायत के…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *