हरिद्वार- अब प्रयागराज के महाकुंभ में उठेगा धर्म संसद के विरुद्ध हुई अभद्रता का मामला, यति ने फिर लिखा मुख्यमंत्री को रक्त-पत्र

Spread the love

र्म संसद में प्रशासनिक अमले की ओर से पहले दिन की गई कार्रवाई के बाद भी संतों का तीसरे दिन हुंकार अखाड़े में गूंजा। सभी ने धर्म संसद को लेकर की गई कार्रवाई को अभद्रता बताया। कहा कि यह पूरा प्रकरण अब प्रयागराज के महाकुंभ में उठेगा। वहीं जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने फिर से रक्त निकालकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा और प्रशासनिक कार्रवाई के प्रति आक्रोश जताया।

जूना अखाड़े के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संतों ने दस दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ को भी संपन्न किया। उन्होंने धर्म संसद के अंतिम दिन मौजूद श्रद्धालुओं को इस्लामिक जिहाद के प्रति मुखरता से आवाज उठाने और इसके समूल विनाश का संकल्प दिलाया। संतो ने बांग्लादेश व पाकिस्तान के हिंदुओं की रक्षा के लिए केंद्र सरकार और विश्व पटल पर बात रखने की रणनीति तैयार की। साथ ही कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में प्रताड़ित हिंदुओं के लिए अलग राष्ट्र बनाया जाना चाहिए। जिस तरह हिंदुस्तान के कुछ मुस्लिम नेताओं ने अलग राष्ट्र पाकिस्तान बनाया उसी तरह से बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं के लिए भी अलग राष्ट्र बनाना होगा।

महाकुंभ में मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित करने पर लगाए जयकारे
धर्म संसद के अंतिम दिन महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी महाराज सहित पूरी कार्यकारिणी को महाकुंभ में मुस्लिमों के प्रवेश वर्जित करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने संत समाज से सनातन वैदिक राष्ट्र के लिए संघर्ष करने और जाति मुक्त सनातन समाज बनाने की प्रार्थना की। विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक डॉ. उदिता त्यागी ने सभी संताें और प्रबुद्ध वर्ग से विश्व में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर एकजुटता का आह्वान किया।

और पढ़े  रुद्रप्रयाग- जखोली-बजीरा मोटर मार्ग पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त, दो गंभीर घायलों को हायर सेंटर किया गया रेफर

सनातन बोर्ड के गठन पर होगी रायशुमारी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि जो भी दुर्व्यवहार हुआ है वह काफी गलत है। सनातन धर्म और उसकी रक्षा के लिए महामंडलेश्वर नरसिंहानंद काम कर रहे हैं। उन्होंने 27 जनवरी को प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद में समूचे सनातन की रायशुमारी के बाद सनातन बोर्ड पर निर्णय की बात पर जोर दिया। श्रीमहंत ने कहा कि समूचे देश में संतों का एक दल जाएगा और फिर सबसे परामर्श के बाद ही सनातन बोर्ड के गठन की बात की जाएगी।


Spread the love
  • Related Posts

    अल्मोड़ा- पूरा उत्तराखंड आपके साथ…शहीद बीरेश्वर गोस्वामी के घर पहुंचे CM धामी, नाम पर बनेगा भव्य गेट

    Spread the love

    Spread the loveमुख्यमंत्री धामी रविवार को अल्मोड़ा के पांडेखोला स्थित शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के घर पहुंचे और उनके माता-पिता, भाई समेत परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री…


    Spread the love

    देहरादून- बेटे के सपने के लिए पिता ने किस्मत से लिया पंगा, HC की नौकरी छोड़ किया मुंबई का रुख

    Spread the love

    Spread the loveएक पिता अपने बेटे के सपने के लिए कितना आगे जा सकता है इसकी मिसाल हैं दीपक भसीन। उत्तराखंड हाईकोर्ट की स्थायी नौकरी छोड़कर वह बेटे यज्ञ भसीन…


    Spread the love