उत्तराखंड/ चमोली : सड़क के लिए खून से लिखा ज्ञापन भेजा मुख्यमंत्री के नाम.

Spread the love

जिला चमोली के ग्राम पंचायत पैठाणी के ग्राम प्रधान मृत्युंजय परिहार ने अपने गांव के लिए एक अदद सडक के लिए मुख्यमंत्री को खून से खत लिख डाला।खत को आज ग्राम पंचायत पैठाणी के एक शिष्टमंडल ने तहसीलदार के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजा है।
अपने खून से लिखे ज्ञापन में उन्होंने लिखा है कि उनके गांव के लिए पिछले 2018 से पूर्व ही दो कीलोमीटर मोटर मार्ग स्वीकृत हो चुका था।और लिखा है कि इसके उपरांत मोटर मार्ग के लिए विधायक की संस्तुति पर टेंडर की विज्ञप्ति भी निकल चुकी थी।लेकिन ना ही टेंडर हुए और ना ही मोटर मार्ग पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही ही हुई है।कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क करने पर भी उनके गांव के मोटर मार्ग पर कभी अमल नहीं किया गया।कहा गया है कि बीच बीच में सडक के लिए वित्तीय स्वीकृति की अटकलें भी आती रही परंतु ऐसा कभी कुछ भी नही हुआ।

गौरतलब है कि कर्णप्रयाग-बेजनाथ-अल्मोड़ा राज्य मोटर मार्ग से महज दो कीलोमीटर की दूरी पर पैठाणी गांव है।जिसे इस राज्य स्तरीय मोटर मार्ग से पिण्डर नदी पार करके जाना होता है।इस लिए यहाँ के ग्रामीणों की लंबे समय से एक मोटर मार्ग और मोटर पुल की मांग रही है।परंतु शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण आज लोगों को सडक के लिए अपने खून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखने को विवश होना पड़ा है।

तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह देव ने कहा कि पैठाणी ग्रामवासियों का ज्ञापन वे जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजने की कार्यवाही शुरू कर रहे हैं।

और पढ़े  देहरादून: फोन इस्तेमाल करने में पहाड़ की महिलाएं पीछे नहीं, पिछले 3 साल में 12% बढ़ा मोबाइल का उपयोग

Spread the love
  • Related Posts

    देहरादून -राजधानी की वीआईपी कॉलोनी में बनी अवैध मजार पर चला बुलडोजर, स्वयं हटाने के लिए दिया गया था वक्त

    Spread the love

    Spread the loveराजधानी देहरादून की वीआईपी पोश कॉलोनी में बनी अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया गया। अवैध संरचना को लेकर कॉलोनीवासियों ने जिला प्रशासन को शिकायत दर्ज करवाई थी,…


    Spread the love

    देहरादून- अब चुनाव आयोग की अनुमति से ही होंगे तबादले, SIR के दौरान लागू रहेगी व्यवस्था

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड में अब चुनाव आयोग की अनुमति के बिना प्रशासनिक अफसरों के तबादले नहीं होंगे। आयोग के मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चलते यह व्यवस्था लागू…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *