अवध विश्वविद्यालय ने एक बार दीपोत्सव जैसे अंतरराष्ट्रीय समारोह की सफलतापूर्वक अगुवाई करते हुए नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर अयोध्या का नाम विश्व में रोशन किया है। यह यूं ही नहीं संभव हुआ, इसके पीछे अविवि के करीब 200 शिक्षकों, 150 कर्मचारियों व करीब 100 से ज्यादा पुरातन छात्रों का योगदान रहा। यह दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. अजय प्रताप सिंह की देन रही कि उन्होंने अपनी कार्य कुशलता व अनुशासन से पहले से आंतरिक कलह का शिकार रहीं अविवि को एक टीम में बांधा।
समारोह की शुरूआत में ही उन्होंने नई टीम बनाकर स्पष्ट रूप से संदेश दिया था कि यह समारोह अयोध्या ही बल्कि अविवि के लिए भी नाक का सवाल है। करीब एक माह तक तक रोजाना सुबह शाम हुई बैठक में कार्य की समीक्षा व लोगों के सुझाव भी लिए जाते थे, रोजाना घाटों का निरीक्षण किया जाता था। वालंटियर्स के चयन में भी मेहनती विद्यार्थियों को तवज्जो दी गई।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर इस समारोह में चलाया गया जन सहभागिता अभियान भी खूब सफल रहा और लोगों ने दीप, तेल, बाती आदि देकर इस समारोह में अपनी सहभागिता जताई। वालंटियर्स के चयन में पहले उन विद्यर्थियों को तवज्जो दी गई जिन्होंने पहले भी इस समारोह में भाग लिया था।
21 अक्तूबर से जब से घाटों पर दीप बिछाने का कार्य शुरू हुआ तबसे लगातार 72 घंटे दीप जलने तक उनकी पूरी टीम घाट पर दिन रात डटी रही। रात में प्रो अजय व उनकी टीम हाथों में चाय की केतली व पानी की बोतलें लेकर वालंटियर्स के बीच दिखे।








