पूर्णिया – छोटे बच्चे गीली मिटी के समान,शिक्षक भी छोटे बच्चों में शिक्षा एवं संस्कार का पाठ पढ़ाकर उनके भविष्य को आकार देते हैं।

Spread the love

छोटे बच्चे गीली मिटी के समान होते हैं। जिस प्रकार गीली मिट्टी को कुम्हार अलग अलग आकार देता है। उसी प्रकार शिक्षक भी छोटे बच्चों में शिक्षा एवं संस्कार का पाठ पढ़ाकर उनके भविष्य को आकार देते हैं।उक्त बातें
शुक्रवार को पूर्णिया जिला के गढ़बनैली कलानन्द उच्च माध्यमिक विद्यालय गढ़बनैली,विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शम्भु नाथ घोष ने विद्यालय का 103वां स्थापना दिवस समारोह के मौके पर कही।
कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शम्भु नाथ घोष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सुप्रथाम इस विद्यालय के संस्थापक राजा बहादुर कुमार रामानन्द सिंह के मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पूष्प अर्पित किया गया।इस मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्रीघोष ने उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा
हमारे विद्यालय का स्थापना 19 अगस्त 1920 ई. को लगभग 100 बीघे के बहुमुल्य भूखण्ड पर गढ़बनैली स्टेट के राजा कुमार रामानन्द सिंह के कर कमलों द्वारा अपने पिता राजा बहादुर कलानन्द सिंह के नाम पर कलानन्द विद्यालय की स्थापना हुई, जब देश में अंग्रेजी हुकुमत तथा देश पर अंग्रेजी शिक्षा एक षड्यंत्र के तहत थोपी जा रही थी, तब पूर्णिया जिले में एकमात्र उच्च शैक्षणिक संस्थान के तौर पर जिला स्कूल, पूर्णिया ही नजर आ रहा था किन्तु इस क्षेत्र के लोगों को उच्च शिक्षा हेतु पूर्णिया के अलावा अन्य कोई दूसरा रास्ता नजर नहीं आ रहा था किन्तु इस क्षेत्र के लोग दूरी एवं गरीबी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते थे। ऐसे में शिक्षा का अलख जगाने वाले गरीबों के मसीहा राजा बहादुर कुमार कलानन्द सिंह का अभ्युदय गढ़बनैली की वीरान धरती पर हुआ। यह विद्यालय देश तथा समाज को अनेकों समाजसेवी, प्रबुद्ध शिक्षक, राष्ट्रभक्त, चिकित्सक, वकील, नेता तथा कुशल प्रशासक देने में सक्षम हो सका है। इस परिपेक्ष्य में आई.ए.एस. अधिकारी श्री रणधीर कुमार मिश्र, आई.पी.एस. अधिकारी, पूर्णिया के महान चिकित्सक डॉ डी.एन.भगत के साथ-साथ श्री प्रदीप दास, वर्तमान सासंद श्री संतोष कुमार कुशवाहा, वर्तमान विधायक सह बिहार सरकार के माननीय मंत्री मो आफाक आलम सहित कई अन्य पदाधिकारियों पर विद्यालय को गर्व है, जिन्हें गढ़ने में इस विद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज विद्यालय अपने 103वें वर्षो के लम्बे सफर के बाद अपने आप में संतुष्ट है। आज हमारे विद्यालय में लगभग 1500 छात्र/छात्राएं शिक्षा ले रहे हैं, जिन्हें शिक्षा देने के लिए कुल 17 योग्य एवं कुशल शिक्षक/शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। एन सी सी की शिक्षा,कला की शिक्षा,विज्ञान की शिक्षा,संगीत की शिक्षा तथा दूरदर्शन के माध्यम से भी शिक्षा देने की सुविधा विद्यालय में उपलब्ध है। सभी विषयों के अलग-अलग शिक्षक उपलब्ध हैं। छात्र/छात्राओं को भव्य पुस्तकालय का लाभ भी मिल रहा है। विद्यालय में इन्टरमीडिएट की भी शिक्षा दी जा रही है जिसके लिए अलग से योग्य शिक्षक नियुक्त हैं। किशोरावस्था,खेलकूद,व्यायाम,संगीत आदि के प्रशिक्षक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। विद्यालय परिसर में अवस्थित माध्यमिक बालिका छात्रावास, कसबा (टाइप-4) बालिकाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिसका लाभ लगभग 100 नामांकित बालिकाओं को नियमानुसार मिल रहा। सभी प्रकार का खर्च सरकार वहन कर रही है। श्रीमती वन्दना कुमारी छात्रावास प्रभारी वार्डन के सफल नेतृत्व में छात्रावास का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। विद्यालय में वर्तमान विधायक सह बिहार सरकार के माननीय मंत्री मो आफाक आलम की अध्यक्षता में विद्यालय प्रबन्ध समिति गठित है, प्रबन्ध समिति के सभी सदस्यगण विद्यालय के प्रति समर्पित रहते हैं, श्री बिहारी लाल साह जो विद्यालय के प्रबन्ध समिति सदस्य हैं का भरपूर सहयोग विद्यालय को मिल रहा है तथा श्रीसाह विद्यालय के शुभचिंतक के रूप में कार्य संपादन कर रहे हैं इनके प्रति विद्यालय के आभार प्रकट करता है। इस विद्यालय में पदस्थापित पूर्व के सभी प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों के कार्यकाल का आभार प्रकट करता है। इस शुभ अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षक,गणमान्य व्यक्ति तथा छात्र/छात्राएं विद्यालय के संस्थापक राजा बहादुर कुमार रामानन्द सिंह सहित उनके महान पिता राजा बहादुर कलानन्द सिंह को अत्यंत विनम्रता पूर्वक नमन करता है। अन्त में आज विद्यालय का 103वां स्थापना दिवस के शुभअवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्रीघोष ने कहा कि उस महान आत्मा जिनहोंने विद्यालय की स्थापना की – की अन्त: प्रेरणा एवं सभी जनप्रतिनिधि यहाँ के अभिभावकों सहित ग्रामीणों एवं आपसबों के सहयोग से विद्यालय अपने लक्ष्य पद पर अबाध गति से अग्रसर होता रहेगा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबन्ध समिति सदस्य बिहारी लाल साह, रंजीत कुमार, अनुज कुमार कुशवाहा, चन्दन कुमार ठाकुर, अमरदीप मिश्रा, धन्नजय मंडल सहित कई ग्रामीण एवं बालिका छात्रावास कसबा की छात्राएं उपस्थित हुए।*

और पढ़े  Bihar- तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का कहर, मॉर्निंग वॉक पर निकलीं तीन महिलाओं को कुचला, 3 की मौत

Spread the love
  • Related Posts

    Bihar : ट्रेन में आग की खबर से अफरातफरी, बिहार-झारखंड को जोड़ने वाली कोसी एक्सप्रेस का ब्रेक पैड जला

    Spread the love

    Spread the loveपूर्व-मध्य रेलवे के सहरसा-मानसी रेलखंड स्थित सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह हटिया-कोसी एक्सप्रेस के ब्रेक पैड में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन की…


    Spread the love

    Bihar: जिस सड़क से गुजरते हैं मंत्री-अधिकारी, वहां 28 साल से मंदिर में चल रहा स्कूल

    Spread the love

    Spread the loveबिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन गया की यह तस्वीर उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गया-बोधगया मुख्य मार्ग पर स्थित…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *