विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले 2026 के नियमों को लेकर केंद्र सरकार एक बार फिर विचार कर रही है। सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह इन नियमों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने पर विचार कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में नए नियमों पर क्यों लगाई थी रोक?
जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी थी। अदालत ने शुरुआती तौर पर टिप्पणी की थी कि नियमों की भाषा स्पष्ट नहीं दिखती और उनके दुरुपयोग की आशंका हो सकती है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत वर्ष 2012 के पुराने नियमों को लागू रखने का निर्देश दिया था। इसका मतलब है कि नए नियमों पर अंतिम फैसला आने तक उच्च शिक्षा संस्थानों में वर्ष 2012 के नियम ही प्रभावी रहेंगे।
अगस्त में भी केंद्र सरकार ने क्या जानकारी दी थी?
यह पहला मौका नहीं है जब केंद्र सरकार ने नियमों की समीक्षा की बात कही है। इससे पहले अगस्त 2026 में भी केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि यूजीसी के नए नियमों पर दोबारा विचार किया जा रहा है। अब सरकार ने इस दिशा में एक समिति गठित करने की संभावना जताई है। हालांकि, अभी समिति के गठन, उसके सदस्यों या समीक्षा की समयसीमा को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी है। केंद्र सरकार नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार कर रही है।






