तेलंगाना के खम्मम जिले में बुधवार को झील में फंसे मछुआरों को बचाने की कोशिश के दौरान राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की दो नावें डूब गईं। इससे नावों में सवार एसडीआरएफ और दमकल विभाग के 10 कर्मचारी डूब गए। बचाव अभियान में एनडीआरएफ को लगाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश में मछली पकड़ने गए पांच मछुआरे झील में फंस गए थे। इसकी सूचना पर एक नाव से तीन दमकलकर्मी उन्हें बचाने झील में गए पर वे भी फंस गए। इसके बाद, कोठागुडेम स्थित एसडीआरएफ के छह जवानों व दमकल विभाग के चार अन्य कर्मचारी बचाव अभियान चलाने के लिए दो नावों में सवार होकर वहां पहुंचे।
तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि बचाव दल ने लापता एसडीआरएफ जवानों की संभावित लोकेशन का पता लगा लिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी जवानों को सुरक्षित बचा लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने घटना की जानकारी ली और जिला कलेक्टर को SDRF जवानों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, उन्होंने मुख्य सचिव संजय जाजू को भी स्थिति पर नजर रखने को कहा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया है। वे युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं।
कुमार ने एक्स पर लिखा, “तेलंगाना के खम्मम जिले के सथुपल्ली स्थित बेथुपल्ली झील में बाढ़ के पानी में फंसे मछुआरों को बचाने के अभियान के दौरान एसडीआरएफ जवानों के लापता होने की खबर से मैं बेहद चिंतित हूं।”
उन्होंने बताया कि स्थिति का जायजा लेने के लिए खम्मम के जिला कलेक्टर से बात की है। इसके साथ ही बचाव दलों की तैनाती के लिए एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल संपर्क किया गया। कुमार ने कहा, “हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं और सभी संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि अभियान में शामिल सभी लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।”






