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अमेरिका में भारतीय और सिख समुदाय के लिए गर्व का एक ऐतिहासिक अवसर सामने आया है। जॉर्जिया राज्य के स्टेट हाउस के डिस्ट्रिक्ट 97 से चुनाव जीतकर जोत सिंह ने इतिहास रच दिया है। वह जॉर्जिया की राज्य विधायिका के लिए निर्वाचित होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी और पहले सिख-अमेरिकी विधायक बन गए हैं। उनकी इस जीत को अमेरिकी राजनीति में सिख समुदाय की बढ़ती भागीदारी और प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जॉर्जिया के नॉरक्रॉस में एक मेहनती प्रवासी सिख परिवार में पले-बढ़े जोत सिंह का यह सफर भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार यासीन मोगाजी को पराजित किया। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार जोत सिंह को 68 प्रतिशत, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 32 प्रतिशत मत मिले। उनकी जीत के बाद नॉरक्रॉस स्थित गुरु नानक मिशन सोसाइटी में सिख समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों के साथ खुशी मनाई।
जोत सिंह ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान सिख इतिहास और परंपराओं का उल्लेख करते हुए अत्याचार, अन्याय और दमन के खिलाफ आवाज उठाने की भावना को सार्वजनिक जीवन का मार्गदर्शक बताया था। उनका चुनावी एजेंडा स्वास्थ्य सेवाओं, आवास, शिक्षा, महंगाई और प्रवासी तथा कामकाजी परिवारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा।
इस ऐतिहासिक जीत पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने भी जोत सिंह को बधाई दी है। जत्थेदार ने उन्हें अमृतसर स्थित सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेककर गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष निमंत्रण भेजा है। इससे सिख समुदाय में उनकी उपलब्धि को लेकर खुशी और उत्साह है।
येल विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके जोत सिंह की सफलता अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। उनकी जीत इस बात का संकेत है कि प्रवासी भारतीय अपनी मेहनत, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी के दम पर अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण स्थान बना रहे हैं। अब विधानसभा में उनकी भूमिका पर सभी की निगाहें रहेंगी और उम्मीद की जा रही है कि वह अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को उठाने के साथ सभी समुदायों के हितों के लिए काम करेंगे।