जालौन के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। 32 बीघा (छह हेक्टेयर) जमीन के विवाद में मैनपुरी और हाल कानपुर निवासी ठेकेदार इंद्रजीत यादव ने अधिवक्ता की हत्या कराने के लिए कानपुर के वरुण विहार बस्ती निवासी निवासी मोनू यादव को 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस मोनू की तलाश कर रही है उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है।
मोनू ने तीन शूटर सर्वेश शुक्ला, आशीष विश्वकर्मा और केशव कटियार (तीनों कानपुर के) के माध्यम से 31 अक्तूबर को गयादीन का अपहरण कराया और फिर गुजैनी में हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने तीनों शूटरों के साथ सुपारी देने के आरोपी इंद्रजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी सुरेश चंद रावत ने बताया कि मोनू के पिता अजय के मोबाइल से इंद्रजीत और मोनू के बीच घटना से पहले और बाद के व्हाट्सएप चैट मिले हैं। इन्हीं के आधार पर हत्या की साजिश और सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट सहित एनएसए की भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं साजिश में सहयोग करने पर मोनू के पिता अजय को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
कई जिलों के अधिवक्ताओं में रोष
मोनू की गिरफ्तारी से खुलेंगे साजिश के कई राज
वहीं, मोनू के पिता अजय यादव की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार, उसने साजिश में सहयोग किया था और उसे भी गिरफ्तार किया जाना है। एसपी का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट सहित एनएसए की भी कार्रवाई की जाएगी।
बेटियों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, दोषियों को फांसी देने की मांग
अधिवक्ता गयादीन अहिरवार के अंतिम संस्कार के दौरान उनकी बेटियों संघमित्रा और मणि मित्रा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पुलिस अधिवक्ताओं की सुरक्षा नहीं कर सकती तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे होगी।
उन्होंने आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। सोमवार सुबह अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह का विवाद न हो, इसके लिए प्रशासन सतर्क रहा। मौके पर एसडीएम विनय कुमार मौर्य, एएसपी डॉ. ईशान सोनी, सीओ जालौन एके सिंह समेत कई थानों की पुलिस मौजूद रही।
कार बरामदगी के दौरान पुलिस पर चलाई गोली, दो शूटर घायल
अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि अपहरण में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार को सोहरापुर के जंगलों में छिपाया गया था। सोमवार को कोतवाली कालपी पुलिस और स्वाट टीम तीनों आरोपियों को लेकर मदारीपुर रोड स्थित खन्ना फार्म के पास पहुंची।
वहां कार से घटना में इस्तेमाल सामान बरामद करने के दौरान सर्वेश शुक्ला और आशीष विश्वकर्मा ने छिपाकर रखे तमंचों से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। मौके से दो तमंचे, पांच कारतूस, घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार, खून से सना पाना रिंच और जैक बरामद किया गया है।
अपहरण के बाद ही दबा दिया था गला
पुलिस के अनुसार, अधिवक्ता गयादीन अहिरवार का अपहरण करने के बाद आरोपी करीब एक किलोमीटर तक उरई की ओर गए। इसके बाद अचानक कार कानपुर की ओर मोड़ दी। अधिवक्ता ने इसका विरोध किया तो मोनू और एक अन्य आरोपी ने उनका मुंह दबा दिया, जबकि तीसरे आरोपी ने गला कस दिया।
इससे वह अचेत हो गए। आरोपी उन्हें लेकर सीधे कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र में नहर के पास पहुंचे। वहां कार से जैक निकालकर उनके सिर पर कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गए।
कालपी बार एसो. अध्यक्ष को अगवा कर मार डाला, कानपुर में मिला शव
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार (68) की शनिवार को जमीन के विवाद में कार से अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शक के दायरे में आए तीन आरोपियों की निशानदेही पर रविवार सुबह कानपुर में गुजैनी नहर से शव को बरामद किया।
रविवार देर रात कार की बरामदगी के लिए कालपी के जंगल ले जाए गए आरोपी भागने लगे और वहां पहले से छिपाए असलहों से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला घायल हो गए। पुलिस ने उनके तीसरे साथी केशव को भी पकड़ लिया। तीनों कानपुर के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी मोनू की पुलिस तलाश कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कागजीपुरा निवासी गयादीन अहिरवार चौथी बार कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। शनिवार को गयादीन उरई स्थित जिला न्यायालय में एक मुकदमे की पैरवी करने गए थे।
शाम 3:30 बजे वह मुन्ना फुलपावर चौराहा पहुंचे और बेटे हर्ष को स्कूटी लेकर बुलाया। उन्होंने बेटे से कहा कि दुर्गा मंदिर चौराहे पर उनका एक मुवक्किल इंतजार कर रहा है। बेटा उन्हें स्कूटी से वहां ले गया। चौराहे पर कार में तीन लोग मौजूद थे।
बेटे के मुताबिक, कार से उतरे एक व्यक्ति ने गयादीन के पैर छुए और उन्हें कार में बैठाकर ले गया। बिना नंबर की कार देख बेटे को शक हुआ और उसने पिता को फोन किया लेकिन मोबाइल बंद मिला। उसने स्कूटी से कार का पीछा भी किया लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों की निशानदेही पर रविवार सुबह कानपुर से शव बरामद किया।






