रामलीला मैदान में आज विपक्षी खेमे के अधिकांश राजनीतिक दल जुटने वाले हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे विपक्षी दलों में कांग्रेस, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आहूत इस रैली और विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।
डोटासरा का दावा- दिल्ली में 10 लाख लोग जुटेंगे, NDA गठबंधन के लिए अब उल्टी गिनती शुरू
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना होने वाली है, जो सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगी। उन्होंने बताया कि INDIA गठबंधन के नेतृत्व में, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ, 10 लाख से अधिक लोग एक विशाल प्रदर्शन और रैली के लिए एकजुट हो रहे हैं। इसका उद्देश्य देश के संविधान, राष्ट्र और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा करना है। डोटासरा ने दावा किया कि दिल्ली ने अपने पूरे इतिहास में इतनी बड़ी रैली कभी नहीं देखी होगी। उन्होंने इस प्रयास को लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐतिहासिक बताया। डोटासरा के अनुसार, यह आंदोलन 2028 में यहां कांग्रेस सरकार और 2029 में राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और NDA गठबंधन के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
विपक्ष के आंदोलन पर मणिपुर की भाजपा अध्यक्ष क्या बोलीं?
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली को लेकर मणिपुर की भाजपा अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने कहा, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब देश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किया गया है। 20 साल बाद एसआईआर हुआ है। ऐसे रिव्यू पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के दौरान भी किए गए थे। उनकी धारणा है कि वे जो भी काम करते हैं वही ‘अच्छा’ है—लेकिन उनसे पूछना चाहिए, क्या फिलहाल वे जो कर रहे हैं वह सच में अच्छा है? उन्हें बताना चाहिए कि उनके समय में किए गए एसआईआर और अब कराए जा रहे SIR में क्या अंतर है?
गहलोत बोले: देश में असहमति बर्दाश्त नहीं, संस्थाएं दबाव में
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने देश की मौजूदा स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। रामलीला मैदान में आयोजित रैली से पहले उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति जैसी होनी चाहिए, उसके बिल्कुल विपरीत है। गहलोत ने आरोप लगाया कि आज असहमति को भी बर्दाश्त नहीं किया जाता। सवाल पूछने वाले को देशद्रोही करार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, जांच एजेंसियां और चुनाव आयोग जैसी सभी संस्थाएं दबाव में हैं। यह सब सबके सामने स्पष्ट है। गहलोत ने युवा और जेन-जी पीढ़ी से कांग्रेस और भाजपा के बयानों की पड़ताल करने की अपील करते हुए कहा, इतिहास का अध्ययन करना भी जरूरी है। बिना इस अध्ययन के वे अपनी विचारधारा नहीं बना पाएंगे और न ही देश की सेवा कर पाएंगे। देश की सेवा के लिए तथ्यों का अध्ययन करना और सच्चाई के साथ खड़ा होना महत्वपूर्ण है।
रामलीला मार्च की तैयारियों में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता और सेवादल सदस्य
दिल्ली के रामलीला मैदान में आहूत रैली की तैयारियों का जायजा लेने प्रियंका गांधी खुद देर रात पहुंचीं थीं। रविवार तड़के आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा सेवादल के सदस्य रामलीला मैदान में ठंड के बावजूद पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए हैं।
INDIA ब्लॉक की रैली पर कानून मंत्री मेघवाल ने उठाए सवाल
आज रामलीला मैदान में होने वाली रैली पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों के गठबंधन- इंडिया ब्लॉक के आह्वान को लेकर उन्होंने कहा, सहयोगी दल भी इस तारीख पर प्रदर्शन के पक्ष में नहीं। मेघवाल ने 1 नवंबर को इंदिरा गांधी की हत्या (1984) के बाद दिल्ली में सिख विरोधी अत्याचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने राहुल गांधी पर संवेदनशीलता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा, सिख प्रतिनिधियों के अलावा दिल्ली के व्यापार संगठनों ने भी दिवाली के चलते तारीख बदलने का अनुरोध किया। थोक व्यापारी साल भर इस समय का इंतजार करते हैं। लाखों लोगों के जमावड़े से बाजार बाधित होंगे, दुकानें बंद होंगी और ग्राहक नहीं पहुंच पाएंगे। लेकिन राहुल गांधी उनकी बात सुनने और तारीख बदलने को तैयार नहीं हैं।
केरल, यूपी और बंगाल से दिल्ली पहुंचे दिग्गज; ममता बनर्जी पर क्या बोले मंत्री शरदवत मुखर्जी?
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत कई नेता रामलीला मैदान की रैली के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल होने को लेकर सीएम शुभेंदु अधिकारी की सरकार में मंत्री शरदवत मुखर्जी ने कहा, ‘वे अपना राजनीतिक वजूद बचाए रखने के लिए तैरना सीखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे तैर नहीं पा रहे हैं। वे बंगाल में पूरी तरह डूब चुके हैं। अब दिल्ली में हैं। राहुल गांधी और सोनिया गांधी, ममता बनर्जी को पॉलिटिकल लाइफलाइन दे रहे हैं। ममता बनर्जी अब वाम मोर्चे से भी हाथ मिला रही हैं। ये वही समूह है जिसे राहुल गांधी ने कभी समाज का दुश्मन कहा था। उन्होंने गठजोड़ पर तंज कसते हुए कहा, ‘बंगाल की आंटी और दिल्ली का बच्चा आजकल हाथ में हाथ डालकर चल रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी पर तल्ख टिप्पणी, दाऊद का जिक्र क्यों?
ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी के बारे में एक सवाल पर शरदवत मुखर्जी ने कहा, ‘हमें इन चोरों और ठगों के बयानों पर भरोसा नहीं है, और न ही हम उन पर कमेंट करना चाहते हैं। अगर हम उनकी बात सुनने लगें, तो दाऊद इब्राहिम भी भाषण देने लग सकता है। ये लोग दाऊद के बराबर हैं। उनके संस्कार खराब हो गए हैं, और वह नासमझ है। मैं अब भी उससे कह रहा हूं कि सुधर जाओ और सही रास्ते पर लौट आओ।’







