अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि अमेरिका ईरान पर जल्द हमला कर सकता है। हालांकि, उन्होंने दोनों देशों के बीच बड़े समझौते की संभावना से भी इनकार नहीं किया। फ्लोरिडा में मिडटर्म चुनाव के लिए वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमला कल भी हो सकता है। लेकिन यह भी संभव है कि दोनों देश किसी अच्छे समझौते पर पहुंच जाएं।
ट्रंप ने पश्चिम एशिया में अपनी सरकार की रणनीति का बचाव करते हुए अमेरिकी नौसेना और सेना की जमकर तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सभी लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया है और उसके 259 जहाज समुद्र में डुबो दिए गए हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान अब रिकॉर्ड तोड़ महंगाई जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। हालांकि, ये आंकड़े और दावे ट्रंप के बयान पर आधारित हैं।
इस बीच, ईरान से जुड़ी तस्नीम समाचार एजेंसी ने दावा किया कि तेहरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के सामने कोई नया प्रस्ताव नहीं रखा है। ईरान ने उस कथित प्रस्ताव को भी खारिज किया, जिसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की बात कही गई थी। प्रेस टीवी के मुताबिक, ईरानी सूत्रों ने सऊदी अरब के एक मीडिया संस्थान की इस खबर को झूठा और मनगढ़ंत बताया।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोले ट्रंप
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर ट्रंप ने उम्मीद जताई कि इसका समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका दोनों देशों के साथ व्यापार करेगा।
अमेरिकी राजनीति पर बोलते हुए ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई शहरों और राज्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने इस बयान के दौरान कोई विस्तृत सबूत पेश नहीं किया।





