मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में अवैध संबंध का विरोध करने पर पति की बेरहमी से हत्या करने की आरोपित महिला, उसके प्रेमी और सहयोगी को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर तीनों आरोपितों को दंडित किया। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व हुई इस हत्या के मामले में आरोपी प्रेमी की कटी हुई अंगुली और उसका डीएनए मिलान मुकदमे में सबसे अहम सबूत साबित हुआ।
रात लगभग 1:00 बजे ममता ने फोन करके राहुल और सुनील को अपने घर बुला लिया। इसके बाद ममता स्वयं अपने पति मुकेश के सीने पर बैठ गई और सुनील ने उसका मुंह कसकर दबा दिया ताकि वह सहायता के लिए चीख न सके। इसके तुरंत बाद राहुल ने तेजधार चाकू से मुकेश का गला रेत दिया। इस जानलेवा हमले के दौरान मुकेश ने अपने बचाव के लिए संघर्ष किया। इसी हाथापाई के बीच चाकू के वार से राहुल का अंगूठा कटकर घटनास्थल पर ही गिर गया। पति की हत्या करने के बाद दोनों पुरुष आरोपी मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद आरोपी महिला ने ग्रामीणों और पुलिस को गुमराह करने के लिए मनगढ़ंत कहानी बनाई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके पति की हत्या कर दी है। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान ममता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली गई, जिससे राहुल की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने जब राहुल को पकड़ा, तो उसका अंगूठा कटा हुआ मिला। घटनास्थल से बरामद कटे हुए अंगूठे का प्रयोगशाला में डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसका मिलान राहुल के साथ हो गया। अदालत ने इन पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पत्नी ममता, प्रेमी राहुल और साथी सुनील को हत्या का दोषी मानते हुए ताउम्र कैद की सजा सुनाई।







