चंडीगढ़ के नैतिक हत्याकांड के आरोपी और ऑपरेशन सेल की टीम के बीच शनिवार सुबह मुठभेड़ हो गई।
चंडीगढ़ सेक्टर-22 में 17 वर्षीय छात्र नैतिक की हत्या की जांच में लॉरेंस और बंबिहा गैंग का एंगल सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, नैतिक ने लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर मनी के जरिये एक नाबालिग को धमकी दिलवाई थी। इसके बाद इंस्टाग्राम पर मारपीट का वीडियो वायरल होने से नाराज नाबालिग ने बंबीहा गैंग के लक्की पटियाल के दो करीबियों को बुला लिया। इसके बाद दोनों ने नाबालिग के साथ मिलकर नैतिक के ऑटो का पीछा किया और सेक्टर-22 में फायरिंग कर दी। इसमें नैतिक की मौत हो गई जबकि ऑटो चालक सिकंदर पासवान घायल हो गया। पुलिस ने एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा है। वहीं, हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्ध आईबी इंस्पेक्टर के बेटे बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच के मुताबिक, नैतिक और आरोपी नाबालिग के बीच करीब दो साल से विवाद था। 22 अक्तूबर को सेक्टर-44 में नैतिक और उसके साथियों ने नाबालिग के साथ मारपीट की और वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो वायरल होने के बाद नाबालिग ने लक्की पटियाल के करीबियों से संपर्क किया। रात करीब 9:30 बजे नैतिक अपने दोस्त के साथ ऑटो में सेक्टर-22 की ओर जा रहा था। आरोप है कि स्प्लेंडर बाइक पर नाबालिग समेत तीन लोगों ने ऑटो का पीछा किया और सनातन धर्म मंदिर के पास गोलियां चला दीं। नैतिक की छाती के बाईं ओर गोली लगी, जबकि चालक सिकंदर पासवान के कंधे पर गोली लगी। नैतिक को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
एक घंटे में पकड़ा गया नाबालिग
पुलिस ने वारदात के करीब एक घंटे के भीतर एक नाबालिग को काबू कर लिया। पूछताछ में बंबीहा गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई। हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों के चंडीगढ़ और मोहाली की अन्य वारदातों से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनकी भूमिका, गैंगस्टर कनेक्शन, हत्या की साजिश और हथियारों के स्रोत की पड़ताल कर रही है।








