जल संरक्षण, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए देशभर के 31 जल संरक्षकों को ‘जल प्रहरी सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पुराने जल स्रोतों को फिर से जीवित करने के उनके प्रयासों के लिए दिया गया। सातवें जल प्रहरी सम्मान समारोह का आयोजन शुक्रवार को तीन मूर्ति स्थित विश्व युवक केंद्र में किया गया।
जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में लगातार काम करने के लिए स्वस्ति दास सेवा संस्थान (एसडीएसएस) के संस्थापक विनय दास को जल प्रहरी राष्ट्रीय सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। विनय दास और उनकी टीम एसडीएसएस दिल्ली में मुनक नहर के आसपास जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। सम्मान मिलने पर विनय दास ने कहा कि उनको जल संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा के लिए किए जाने वाले कामों को प्रोत्साहन मिलेगा।
विभिन्न राज्यों के जल संरक्षकों को सम्मान
इस साल उत्तर प्रदेश से छह जल संरक्षकों का चयन किया गया। इनमें अजय क्रांतिकारी, अक्षय नायक, आरजे डॉ. मीनू खरे, डॉ. पवन कुमार, संदीप चौधरी और संजय कुमार शामिल हैं। राजस्थान से पांच, मध्य प्रदेश से तीन, दिल्ली व गुजरात से दो-दो जल संरक्षकों को भी सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र, झारखंड, पंजाब और पश्चिम बंगाल से भी जल संरक्षक इस सम्मान से जुड़े।
जल प्रहरी सम्मान का उद्देश्य पानी बचाने के लिए काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना है। इसका लक्ष्य समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। यह पहल जल स्रोतों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण है। यह ‘जल आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाती है।







