फ्रांस में आंदोलनकारी युवाओं और श्रमिक संगठनों ने इस सप्ताहांत फिर सड़क पर उतरने की घोषणा कर रखी है। पेरिस की अदालत ने पूर्व में पुलिस की तरफ से लगाई गई पाबंदी हटाकर युवाओं को प्रदर्शन की अनुमति दे दी है। ऐसे में पिछले हफ्ते के हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने की तैयार कर ली है।
ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से इटली में संकट गहरा गया है। दक्षिणी इटली में ट्रक चालकों की हड़ताल और सड़क जाम के कारण सामान की सप्लाई बाधित हो गई है। सुपरमार्केट में दूध, अंडे, फल-सब्जियां और दूसरी जरूरी चीजें खत्म होने लगी हैं।
पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन नहीं मिल रहा है। कैंपानिया क्षेत्र में करीब 90% पेट्रोल पंपों का ईंधन खत्म हो चुका है। प्रधानमंत्री जियॉर्जिया मेलनी ने बृहस्पतिवार को ट्रक चालकों, किसानों और मछुआरों के लिए करीब 200 मिलियन डॉलर की सहायता देने की घोषणा की। प्रदर्शन कर रहे ट्रक चालकों ने इसे नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि चक्का जाम जारी रखेंगे।
पेरिस में शनिवार दोपहर को बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया है, जिसके बारे में फ्रांसीसी मीडिया का अनुमान है कि इसमें लाखों लोग शामिल हो सकते हैं। प्रदर्शन फ्रांस के मुख्य छात्र संघ यूएनईएफ की तरफ से आयोजित किया गया है, और देश के सबसे बड़े ट्रेड यूनियनों में से एक सीजीटी ने भी शामिल होने की घोषणा की है। किसानों, जलवायु कार्यकर्ताओं और यलो वेस्ट्स समूह के भी शामिल होने की उम्मीद है। nपेरिस के कई मुख्य पर्यटक स्थल शनिवार को बंद रहेंगे, जिनमें दुनियाभर में मशहूर लूव्र, ओर से और ओरेंगेरी आदि संग्रहालय भी शामिल हैं।








