अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने से नाराज हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए हैं, इसलिए उन्हें हर युद्ध के लिए एक यानी कुल आठ नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे। शुक्रवार को सिरैक्यूज में एक रैली के दौरान ट्रंप ने पुरस्कार नहीं देने के फैसले पर नॉर्वे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह पुरस्कार नहीं मिलना देश के लिए एक ऐसा दाग है, जिसे मिटाया नहीं जा सकेगा।
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान को युद्ध में उलझने से रोका और इससे पांच करोड़ लोगों की जान बचाई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका, जिससे पूरा मध्य पूर्व तबाह होने से बच गया। ट्रंप के मुताबिक, इसका असर यूरोप और संभवतः अमेरिका तक पड़ सकता था। ये सभी दावे ट्रंप ने अपने संबोधन में किए।
इस साल नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की पूर्व संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लई को दिया गया है। ट्रंप ने पुरस्कार विजेता पर तंज कसते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र में काम करने वाली एक उदारवादी विचारों की व्यक्ति को यह पुरस्कार मिला है, जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं सुना था। हालांकि, उन्होंने पिल्लै को बधाई भी दी।
ओबामा को नोबेल मिलने पर भी सवाल उठाते रहे हैं ट्रंप
अमेरिका के चार राष्ट्रपति नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इनमें थियोडोर रूजवेल्ट, वुडरो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा शामिल हैं। ओबामा को 2009 में राष्ट्रपति बनने के पहले ही साल यह पुरस्कार मिला था। ट्रंप लंबे समय से ओबामा को पुरस्कार दिए जाने पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि ओबामा को बिना कुछ किए ही नोबेल पुरस्कार मिल गया था।








