डूसू चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। कुल चार प्रमुख पदों में से तीन पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की है, जबकि एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया है। वहीं, एनएसयूआई को सभी चार सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। शुरुआती रुझानों से ही मुकाबले में कांटे की टक्कर देखने को मिली और अंत तक जीत-हार का आंकड़ा ऊपर-नीचे होता रहा।
अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने के बाद यश डबास ने कहा, ‘यह जीत राष्ट्रभक्ति और संघ की सामूहिक शक्ति की जीत है। पीयू से लेकर डीयू तक के संस्थानों के छात्रों ने हमारी जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया है। कैंपस से एनएसयूआई का पूरी तरह से सफाया हो गया है। एनएसयूआई 4-0 से हार गई है।’
उन्होंने कहा, ‘हमारी मुख्य चिंता यह सुनिश्चित करना होगी कि हर पीजी और हॉस्टल का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। हम सबने सत्या निकेतन में हुई दुर्घटना को देखा है। हम नहीं चाहते कि ऐसी घटना भविष्य में किसी के साथ भी हो और यही हमारी पहली प्राथमिकता होगी। हर कॉलेज, हॉस्टल और पीजी का सुरक्षा ऑडिट कराना। विद्यार्थी परिषद ने पिछली बार 3-1 से जीत हासिल की थी और इस बार भी 3-1 से ही जीती है। अगली बार हम 4-0 से जीतेंगे।’
- अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास- 24,576
- उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शोकीन- 30,615
- सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छावड़ी- 21,650
- संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह- 16,615
विश्वविद्यालय के 52 कॉलेजों और विभागों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में शुक्रवार को 40.46 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछले साल के 39.45 फीसदी से 1.01 फीसदी अधिक है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के नतीजों में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा एक निर्दलीय उम्मीदवार की जीत की हो रही है। 18 सितंबर को हुए मतदान के बाद 19 सितंबर को हुई मतगणना में दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि उन्होंने किसी बड़े छात्र संगठन के बैनर के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक शौकीन को 30,634 वोट मिले।








