उत्तराखंड: बरसात में जल व मच्छर जनित रोगों का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

रसात के मौसम में जल एवं मच्छर जनित संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। डायरिया, दस्त, टायफायड, हैजा, पीलिया और यकृतशोथ जैसे जल जनित रोगों के साथ डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

विभाग ने लोगों से बासी भोजन, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ और अधपके भोजन का सेवन न करने की अपील की है। तरबूज, खरबूज और गन्ने के रस का सेवन स्वच्छता सुनिश्चित होने पर ही करने को कहा गया है। दूषित पानी से बनी बर्फ के सेवन से भी बचने की सलाह दी गई है। घर में पानी अच्छी तरह उबालकर पीने और खाना बनाने में उसी पानी का प्रयोग करने को कहा गया है। पानी को शुद्ध करने के लिए क्लोरीन की गोलियों का इस्तेमाल स्वास्थ्य कर्मियों के निर्देश पर ही करने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है। पानी की टंकियों और भंडारण पात्रों को ढककर रखने तथा गमलों, शीतक यंत्रों, गुलदस्तों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने देने को कहा गया है। पुराने बर्तन, बोतल, डिब्बे और बेकार टायर खुले में न छोड़ने की सलाह दी गई है।

मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी लगाने और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर व जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द अथवा लाल चकत्ते होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है। बिना चिकित्सकीय सलाह दवा न लेने की अपील की गई है।

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