6 साल की मासूम से हैवानियत, कार में बंद कर ली थी जान, कोर्ट ने सुनाया फैसला- दरिंदे चाचा को मृत्युदंड

छह साल की मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मृतका के परिजनों को राज्य सरकार की आहत प्रतिकर योजना के तहत 7 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने का भी निर्देश दिया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ, एफटीएससी विशेष दांडिक प्रकरण (पॉक्सो) न्यायालय द्वारा सुनाया गया।

6 साल की बच्ची की हत्या का मामला
पूरा मामला अप्रैल 2025 का है। मोहन नगर थाना क्षेत्र में परिजनों ने 6 साल की मासूम के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस और परिजन बच्ची की तलाश में जुट गए। इसी दौरान पुलिस को मासूम का शव उसके घर के बाहर खड़ी एक कार से बरामद हुआ।
पुलिस ने बच्ची के शव का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले में चाचा समेत 4 संदिग्धों का डीएनए टेस्ट कराया। जांच में मासूम बच्ची के चाचा सोमेश यादव का डीएनए मैच हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उसने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
निर्माणाधीन मकान में ले जाकर किया दुष्कर्म
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह मासूम बच्ची को निर्माणाधीन मकान की छत पर ले गया था, जहां उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद बच्ची को घर के पास खड़ी कार के अंदर बंद कर दिया, तेज धूप के कारण कार गर्म हो गई थी, जिससे बच्ची के शरीर पर फफोले पड़ गए और दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सोमेश यादव के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय के समक्ष पेश किया।

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न्यायालय ने आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाने के साथ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 6(1) के तहत 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। हत्या के मामले में भी न्यायालय ने 5 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं बीएनएस की धारा 238 के तहत 1 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। इसे जमा नहीं करने पर 1 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा होगी। न्यायालय ने मृतका के परिजनों को राज्य सरकार की आहत प्रतिकर योजना के तहत 7 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान किए जाने का भी निर्देश दिया है।

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