सत्य निकेतन दुर्घटना के बाद सवालों में घिरी एमसीडी दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन में है। दिल्ली के कई इलाकों में अवैध निर्माणों की शिनाख्त कर उन्हे गिराने का काम सख्ती से शुरू हो गया है। कई इलाकों में इस अभियान के अमल को देखने के लिए अमर उजाला की टीम पहुंची।
अधिकारी ने साफ कहा कि नोटिस के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया, इसलिए अब कार्रवाई जरूरी है। इसी दौरान एक अधिकारी ने अपनी परेशानी भी जाहिर की। उन्होंने कहा, हमारी नौकरी पर आंच आई हुई है। हमें हर हाल में यह निर्माण तोड़ना है। मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मी भी आगे आए। उन्होंने मकान मालिकों को चेतावनी दी कि एमसीडी की कार्रवाई में बाधा डालने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। मालिकों ने अगले दिन तक खुद निर्माण हटाने का भरोसा दिया, लेकिन पुलिस ने साफ कर दिया कि एमसीडी की कार्रवाई को रोका नहीं जा सकता। इसके बाद परिसर का माहौल पूरी तरह बदल गया।
दो घंटे में टूट गई छत
पुलिस ने कार्रवाई के लिए रास्ता साफ कराया और एमसीडी की टीम पांचवीं मंजिल पर पहुंच गई। अवैध रूप से बनाई गई छत पर हथौड़े चलने लगे। पहले छत में सुराख किया गया। इसके बाद अंदर लगे सरिये और लोहे के टी-आयरन को गैस कटर से काटा जाने लगा। गैस कटर चलते ही चिंगारियां निकलने लगीं और कर्मचारी लगातार छत को काटते रहे। करीब दो घंटे चली कार्रवाई के बाद पांचवीं मंजिल की अवैध छत को पूरी तरह तोड़ दिया गया। कुछ देर पहले तक जिस छत को बचाने के लिए मालिक अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे, उसी के मलबे को वह खामोशी से देखते रहे।
थोड़ा समय दो साहब… गलत दस्तावेज लगाकर हुई है शिकायत
बुधवार दोपहर के ठीक 12 बजे नगर निगम का पांच सदस्यीय दस्ता 10 पुलिसकर्मियों के साथ लक्ष्मी नगर के एफ-ब्लॉक की संकरी गली में पहुंचा। टीम निर्माणाधीन पांच मंजिला मकान के बाहर रुकी तो मकान मालिक केशव अधिकारियों के सामने आ गए। उन्होंने कार्रवाई रोकने के लिए कुछ समय मांगा और घर में बुजुर्ग मां व पत्नी होने का हवाला दिया।
निगम अधिकारी ने स्पष्ट किया कि लिखित स्टे ऑर्डर दिखाए बिना कार्रवाई नहीं रुकेगी। नोटिस की अवधि पूरी हो चुकी है। इस पर केशव ने शिकायतकर्ता के दस्तावेज पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शिकायत में लगाए गए आधार कार्ड में जन्मतिथि अलग-अलग है और दिए गए पते पर भी शिकायतकर्ता नहीं रहता। उन्होंने इलाके में पैसे ऐंठने के लिए झूठी शिकायतें करने वाले गिरोह के सक्रिय होने का भी आरोप लगाया।
निगम अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है। इसके बाद कर्मचारी पांचवीं मंजिल पर पहुंचे और छत तोड़ना शुरू कर दिया। शाम तक छत में दो बड़े छेद कर दिए गए, जिससे ऊपरी हिस्सा असंतुलित नजर आने लगा।
बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते…
दोपहर 12:15 बजे पांडव नगर के समसपुर जागीर स्थित ई-ब्लॉक में छह मंजिला अवैध मकान पर कार्रवाई शुरू हुई। जेई और पुलिसकर्मियों को देखते ही मकान में मौजूद महिला ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पहले भी दो बार लेंटर तोड़ा जा चुका है। एक बार निगम ने और दूसरी बार परिवार ने खुद इसे हटाया था। विरोध बढ़ने पर महिला ने तोड़फोड़ में इस्तेमाल हो रहे छेनी-हथौड़े कर्मचारियों से झपटकर पास के मकान की छत पर फेंक दिए। दो महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें किनारे किया। महिला के देवर संजीव चौहान ने कार्रवाई को पड़ोसी की रंजिश से जोड़ते हुए कहा कि बड़े बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कोर्ट में अगली तारीख 19 दिसंबर है तो कार्रवाई क्यों की गई। महिला के बेटे सन्नी ने दावा किया कि इसी दिन कोर्ट में पहली सुनवाई हुई थी।
दोपहर एक बजे गीता कॉलोनी की तांगा वाली गली को लकड़ी की बल्ली और स्कूटी लगाकर बंद कर दिया गया। आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। सामने चार मंजिला इमारत एक तरफ खतरनाक ढंग से झुकी हुई थी। निगम दस्ते ने सुरक्षा के बीच ऊपरी हिस्से को हथौड़ों से ढहाना शुरू किया। स्थानीय निवासी विनोद ने बताया कि इमारत कई दिनों से लगातार एक तरफ झुक रही थी। उनके मुताबिक मकान मालिक द्वारका में रहता है।






