दिल्ली में इमारत ढही- पांच मंजिला इमारत गिरी, हादसे में 6 की मौत, न्यायिक जांच के आदेश

दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच सत्य निकेतन में इमारत जमींदोज हो गई। दोपहर 1.33 बजे पुलिस व दमकल की टीम को खबर दी गई। बताया जा रहा है कि इमारत में हॉस्टल चल रहा था।

 

हादसे का मंजर

दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के सत्य निकेतन में गिरी इमारत वाली जगह का CCTV फ़ुटेज। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई है।

 

बिल्डिंग गिराने का आदेश

नगर निगम के मुताबिक यह देखा गया है कि नई दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग/घर नंबर 13 की जगह पर कब्जा किया गया है। यह प्रॉपर्टी जर्जर और खतरनाक हालत में है और इसमें रहने वाले, यहां आने-जाने वाले या इसके आस-पास से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए खतरनाक है। DMC एक्ट 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत, आपको आदेश दिया जाता है कि ऊपर बताई गई वजहों और मकसद से, इस आदेश के मिलने के तीन दिनों के भीतर इस प्रॉपर्टी को गिरा दें, ताकि इससे होने वाले किसी भी खतरे को रोका जा सके। यह साफ किया जाता है कि अगर आप ऊपर बताई गई समय-सीमा के भीतर इस आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो खतरनाक बिल्डिंग को नगर निगम द्वारा गिरा दिया जाएगा और गिराने का खर्च आपसे इस एक्ट के तहत टैक्स की बकाया राशि के तौर पर वसूला जाएगा।

इन धाराओं में केस दर्ज

हादसे के समय  ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिसके चलते इमारत गिर गई। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। अब तक कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। इन धाराओं में मामला दर्ज किया है…

  • 105 बीएनएस गैर-इरादतन हत्या
  • 290 बीएनएस इमारतों को गिराने, मरम्मत करने या निर्माण करने के दौरान किए गए लापरवाही भरे आचरण से संबंधित
  • 125 बीएनएस ऐसे किसी भी कार्य से संबंधित है जो लापरवाही या जल्दबाजी (उतावलेपन) के कारण दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालता है
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सत्या निकेतन दुर्घटना: गैर इरादतन हत्या के तहत मामला दर्ज

सत्य निकेतन मामले में दिल्ली पुलिस ने हॉस्टल मालिक आनंद बंसल के भाई हरिराम बंसल के खिलाफ साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में मामला दर्ज किया है। बिल्डिंग हादसे में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुआ है। केस में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार यह इमारत पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी।

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